Question
एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा

Answer

एक पारितन्त्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एक ही दिशा में (एकदिशिक) होता है अर्थात् यदि एक बार ऊर्जा अगले पोषी स्तर में प्रवाहित (स्थानांतरित) हो जाती है तो वह पुनः वापस नहीं आती है।
उदाहरणार्थ- मांसाहारियों में स्थानान्तरित ऊर्जा वापस शाकाहारियों को प्राप्त नहीं होती है।

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