Question
एक राजकोष (ट्रेजरी) बिल क्या है ?

Answer

एक राजकोष (ट्रेजरी) बिल-राजकोष (ट्रेजरी) बिल मूलतः एक वर्ष से कम अवधि में परिपक्व होने वाले भारत सरकार के द्वारा ऋण दान के रूप में दिया जाने वाला एक लघुकालिक प्रपत्र होता है। इन्हें 'शून्य कूपन बंध पत्र' के नाम से भी जाना जाता है जिन्हें केन्द्रीय सरकार के पक्ष में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निधि की लघुकालिक जरूरतों के लिए जारी किया जाता है। ये राजकोष बिल एक वचन पत्र के स्वरूप में जारी किये जाते हैं। ये उच्च तरल तथा सुनिश्चित वापसी या लब्धि प्राप्ति युक्त तथा अदायगी के जोखिम से नगण्य हैं। इन्हें ऐसे मूल्य पर जारी किया जाता है, जो अपने अंकित मूल्य से कम के होते हैं और इनका भुगतान उसके बराबर तक किया जाता है। मूल्य पर राजकोष बिल जारी हुआ है तथा उस पर प्राप्य ब्याज के साथ उसका मोचन मूल्य के बीच अन्तर होता है जिसे 'बट्टा' कहते हैं। राजकोष बिल 25 हजार रुपये के न्यूनतम मूल्य और इसके बाद बहुगुणन से प्राप्त होता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

अनौपचारिक संगठन किसे कहते हैं ?
विपणन प्रबन्ध दर्शन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
मध्यस्तरीय प्रबन्ध को संक्षेप में समझाइये।
आप एक संगठन में भर्ती कार्य करने जा रहे हैं, भर्ती के आन्तरिक स्रोतों का उपयोग करने से आपको क्या-क्या लाभ होंगे? लिखिये। (कोई चार)
सुविधा उत्पाद क्या हैं? इनकी मुख्य विशेषताएँ बतलाइये।
विपणन की 'उत्पादन अवधारणा' का क्या अर्थ है ?
नेतृत्व के कोई दो महत्त्व बताइये। .
कोई तीन कारण देते हुए समझाइये कि संगठन को प्रबन्ध का एक महत्त्वपूर्ण कार्य क्यों समझा जाता है ?
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत विवाद निवारण एजेंसी के रूप में 'राष्ट्रीय कमीशन' की भूमिका को समझाइये। 
प्रबन्ध के सिद्धान्त की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।