(1) इस जैव उर्वरक में बैक्टीरिया, फफूँद तथा एक्टीनोमाइसीटीज की कोशिकाएँ जीवित अवस्था में होती हैं जो मृदा में अघुलनशील फास्फोरस को घुलनशील अवस्था में परिवर्तित करने का कार्य करती हैं।
(2) ये पौधों की वृद्धि हेतु हार्मोन, विटामिन आदि भी प्रदान करते हैं।
(3) फास्फोरस को घुलनशील अवस्था में बदलने वाले सूक्ष्मजीव जिनमें बैक्टीरिया की प्रजाति बेसिलस तथा स्यूडोमोनाज, कवक की प्रजाति एस्परजीलस तथा पैनिसिलियम मुख्य हैं।
(4) बैक्टीरिया तथा फन्जाई की बेसिलस सर्कलॉन्स, है बेसिलस पोलीमिक्सा, सुडोमोनास स्ट्राइटा प्रजातियाँ काफी सक्रियता से मृदा में पाए जाने वाले अप्राप्य फास्फोरस को घुलनशील करके प्राप्य रूप में परिवर्तित करते हैं जिससे पौधा आसानी से फास्फोरस को ग्रहण कर लेता है।