इतिहास : CH 3 फ्रांस की क्रान्ति — सामाजिक अध्ययन कक्षा 9 — Question
Bihar BoardHindi Mediumकक्षा 9सामाजिक अध्ययनइतिहास : CH 3 फ्रांस की क्रान्ति4 Marks
Question
फ्रांस की क्रांति के परिणामों का उल्लेख करें।
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Answer
फ्रांस की क्रान्ति के निम्नलिखित परिणाम हुए
पुरातन व्यवस्था का अन्त-इस क्रान्ति ने पुरातन व्यवस्था (Anceient Regime) को समाप्त कर दिया । आधुनिक युग का आरम्भ हुआ जिसमें स्वतंत्रता’, ‘समानता’ तथा ‘बन्धुत्व’ को प्रोत्साहन मिला। सामन्तवाद का अंत हो गया।
धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना-क्रान्ति के फलस्वरूप धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना हुई। बुद्धिवाद का उदय हुआ और जनता को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान की गई।
जनतंत्र की स्थापना-फ्रांस की क्रान्ति ने राजा के दैवी अधिकार के सिद्धान्त को समाप्त कर दिया तथा जनतंत्र की स्थापना की।
व्यक्ति की महत्ता-1791 ई. में फ्रांस के नेशनल एसेम्बली ने पहली बार नागरिकों के मूलभूत अधिकारों की घोषणा की तथा स्वतंत्रता एवं समानता के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।
समाजवाद का आरम्भ-फ्रांसीसी क्रान्ति ने समाजवाद का बीजारोपण किया । जैकोबिनों ने बहुसंख्यक गरीबों को अनेक सुविधाएँ दी। अमीरी-गरीबी का भेद मिटाने का प्रयास हुआ। खाद्य-पदार्थों के मूल्य निर्धारित किए गए।
वाणिज्य व्यापार में वृद्धि-क्रान्ति के फलस्वरूप गिल्ड प्रथा, प्रान्तिक आयात कर तथा अन्य व्यापारिक प्रतिबंध व्यापारियों पर से हटा दिए गए, जिससे वाणिज्य एवं व्यापार का विकास हुआ । यही कारण था कि उन्नीसवीं शताब्दी में व्यापार के क्षेत्र में फ्रांस इंग्लैण्ड के बाद द्वितीय स्थान पर था।
दास प्रथा का उन्मूलन-सन 1794 ई. में कन्वेशन ने ‘दास मुक्ति कानून’ पारित किया । पुनः 1848 ई. में अंतिम रूप में फ्रांसीसी उपनिवेशों से दास प्रथा का अंत हो गया।
महिला आन्दोलन-क्रान्ति में महिलाएं भी शामिल हुई थी उन्होंने ‘The society of Revolutionary and Republican women’ नामक संस्था का गठन किया जिसमें ओलम्प दे गूज नामक नेत्री की अहम भूमिका थी। इनके नेतृत्व में महिलाओं को पुरुषों के समान राजनैतिक अधिकार की मांग को स्वीकार लिया गया। आन्दोलन चलता रहा और अन्त में 1946 ई. में महिलाओं को मताधि कार प्राप्त हो गया ।
सरकार पर शिक्षा का उत्तरदायित्व-फ्रांस में अभी तक चर्च में शिक्षा का प्रबन्ध था। अब इसकी जिम्मेवारी सरकार पर आ गयी। फलस्वरूप पेरिस विश्वविद्यालय तथा कई शिक्षण संस्थान एवं शोध संस्थान फ्रांस में खोले गए।
राष्ट्रीय कैलेंडर भी लागू कर दिया गया जिसका नया नाम ब्रुमेयर, थर्मिडर आदि रखा गया।
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