फ्रांस की क्रांति में जैकोबिन की भूमिका निम्नलिखित थी-
जैकोबिन लोगों के राजनीतिक क्लब थे। लोग इन क्लबों में सरकारी नीतियों और अपनी कार्य योजना पर बहस करते थे।
मैक्समिलियन रोबेस्प्येर उनका नेता था। जैकोबिन के एक बड़े वर्ग ने गोदी कामगारों की तरह धारीदार लम्बी पतलून पहनने का निर्णय किया। ऐसा उन्होंने कुलीनों से खुद को अलग करने के लिए किया। यह उनका कुलीनों की सत्ता समाप्ति का ऐलान था।
सन् 1792 में जैकोबिनों ने खाद्य पदार्थों की महँगाई एवं अभाव से नाराज होकर राजतंत्र को समाप्त करने के लिए हिंसक विद्रोह की योजना बनायी।
10 अगस्त, 1792 की सुबह उन्होंने ट्यूलेरिए के महल पर धावा बोल कर राजा को कई घण्टों तक बन्धक बनाये रखा।
असेम्बली ने शाही परिवार को जेल में डाल देने का प्रस्ताव किया। नए चुनाव कराये गए। 21 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी पुरुषों को मताधिकार दिया गया तथा 21 सितम्बर, 1792 को इसने राजतंत्र को समाप्त कर दिया तथा फ्रांस को एक गणतंत्र घोषित किया। 21 जनवरी, 1793 को लुई XVI को फाँसी दे दी गई।
रोबेस्प्येर के नेतृत्व में सन् 1793 से 1794 तक फ्रांस पर शासन किया जिसे 'आतंक का युग' कहा जाता है।