रोबेस्प्येर-रोबेस्प्येर जैकोबिनों का प्रमुख नेता था। 1792 में बनी जैकोबिन सरकार का वह प्रमुख था।
आतंक का राज-फ्रांस के इतिहास में सन् 1793 से 1794 तक के रोबेस्प्येर के शासन काल को 'आतंक का युग' अथवा 'आतंक का राज' कहा जाता है। इसके निम्न कारण हैं-
(1) इस काल के दौरान रोबेस्प्येर ने कठोर नियंत्रण तथा दण्ड की सख्त नीति को अपनाया।
(2) अपने विरोधियों जैसे-कुलीन एवं पादरी, अन्य राजनीतिक दलों के सदस्य, उसकी कार्यशैली से असहमति रखने वाले पार्टी सदस्य, सभी को बंदी बनाकर उन पर मुकदमा चलाया गया तथा न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये जाने पर उन्हें गिलोटिन पर चढ़ाकर उनका सिर कत्ल कर दिया गया।
(3) रोबेस्प्येर ने कानून बनाकर मजदूरी एवं कीमतों की अधिकतम सीमा तय कर दी। गोश्त तथा पावरोटी की राशनिंग कर दी गई। किसानों को अपना अनाज शहरों में ले जाकर तय कीमत पर बेचने के लिए बाध्य किया गया। सभी नागरिकों को 'समता रोटी' खाना अनिवार्य कर दिया गया। बोलचाल और संबोधन में भी बराबरी का आचार-व्यवहार लागू करने की कोशिश की गई।
(4) उसके काल में चर्चों को बन्द कर दिया गया तथा उनके भवनों को बैरक या दफ्तर बना दिया गया।