सिन्धु सभ्यता के अवशेष अब तक पाकिस्तान और भारत के पंजाब, सिन्धु, बलूचिस्तान, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के भागों में पाये जा चुके हैं जिससे पता चलता है कि सिन्धु सभ्यता एकमात्र सिन्धु नदी की घाटी तक ही सीमित नहीं थी वरन् उसका क्षेत्र और अधिक सुविस्तृत था। नवीनतम शोधपत्रों के अनुसार इस सभ्यता के स्थलों की संख्या 1401 हो गई जिसमें से भारत में 917. पाकिस्तान में 481 और अफगानिस्तान में 3 स्थल हैं। त्रिभुजाकार क्षेत्र में फैली इस सभ्यता का क्षेत्रफल अब 12,99,600 वर्ग किमी से बढ़कर 15,02,097 वर्ग किमी हो गया है। इस सभ्यता का फैलाव उत्तर में जम्मू कश्मीर राज्य के जम्मू क्षेत्र में चिनाव नदी के किनारे स्थित मांडा से दक्षिण में, महाराष्ट्र में गोदावरी घाटी में स्थित दैमाबाद तक तथा पूर्व में उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले में हिण्डन नदी के किनारे स्थित आलमगीरपुर से पश्चिम में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त में दाश्त नदी के किनारे स्थित सूत्कागेंनडोर तक है। इस प्रकार, हड़प्पा अर्थात् सिन्धु सभ्यता समकालीन मिस्त्र या सुमेरियन सभ्यता से अधिक विस्तृत क्षेत्र में फैली थी।