एक कार्डियक चक्र के दौरान दो प्रकार की ध्वनियाँ निकलती हैं जिन्हें
हृदय ध्वनियाँ (Heart Sounds) कहते हैं।
(1) प्रथम हृदय ध्वनि (First heart Sound) - निलय प्रकुंचन के आरम्भ को व्यक्त करती है व इस दौरान
मिट्रल (Mitral) व
ट्राइकस्पिड कपाट (Tricuspid Valve) के बन्द होने से ध्वनि उत्पन्न होती है। यह ध्वनि
लब (LUBB) के रूप में होती है।
(2) द्वितीय हृदय ध्वनि (Second Heart Sound) - निलय प्रकुंचन के आरम्भ का द्योतक है। यह ध्वनि (SLV) (अर्द्ध चन्द्राकार कपाटों) के बन्द होने से उत्पन्न होती है। यह
डप (DUBB) के रूप में सुनाई देती है।