Gujarat Boardગુજરાતી માધ્યમધોરણ 7हिंदीनिबंध8 Marks
Question
होली का त्योहार
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Answer
होली का त्योहार हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली हमारा सामाजिक त्योहार है। होली दो दिनों का त्योहार है।होली के दूसरे दिन धुलेंडी का त्योहार आता है। होली के विषय में एक दंतकथा प्रसिद्ध है।
किसी समय हिरण्यकशिपु नामक एक दुष्ट राजा था। उसका बेटा प्रहलाद भगवान का बड़ा भक्त था। हरिण्यकशिपु अपने को भगवान मानता था। बेटा भगवान का नाम ले यह उसे पसंद नहीं था। अपने बेटे को मारने के लिए हिरण्यकशिपु ने कई प्रयत्न किए, पर प्रह्लाद का बाल भी बाँका नहीं कर सका।
प्रहलाद को मारने के लिए हिरण्यकशिपु ने अपनी बहन होलिका से मदद माँगी। होलिका को वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती थी। होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ गई। प्रहलाद तो बच गया और होलिका जलकर राख हो गई। भक्त प्रहलाद के बच जाने की खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है।
होली के दिन शाम को लकड़ियाँ, घास$-$फूस और गोबर के उपले इकट्ठे कर जगह-जगह होली जलाई जाती है। होली के दिन कई लोग उपवास करते हैं। वे होली का दर्शन करने के बाद भोजन करते हैं। गाँव के लोग गेहूँ, जौ और चने की नई बालियाँ होली र की आग में भूनकर खाते हैं। होली की आग में भूने हुए अन्न को 'होला' कहते हैं।
होली नए अन्न के स्वागत का त्योहार है। 'होली के दूसरे दिन धुलेंडी का त्योहार मनाया जाता है। धुलेंडी के दिन लोग अपने सगे-संबंधियों का स्वागत अबीर गुलाल और रंग से करते हैं। इस दिन छोटे$-$बड़े का भेद नहीं रहता। इस त्योहार में लोग खजूर, मूगफली, चने खाते हैं। बच्चों के लिए यह आनंद द का त्योहार है।
बच्चे हाथों में पिचकारी लेकर एक$-$दूसरे पर रंगीन र पानी उड़ाते हैं। त्योहार हमें भाईचारे और आनंदमय जीवन जीने का संदेश देता है।
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