Question
जहाँ सुमति तह सम्पत्ति नाना।
दुर्बुद्धिवाला व्यक्ति बहुत कमाकर भी दुःखी रहता है। सद्बुद्धि आय के ही नहीं, व्यय के भी सही मार्ग बताती है। उससे धन-संपत्ति का दुरुपयोग नहीं होता। एकता और सुमेल होने से संपत्ति नष्ट नहीं होती। इतना ही नहीं, सद्बुद्धि से जीवन में शांति, धैर्य, सच्चरित्रता, सुयश, प्रतिष्ठा, सच्ची मित्रता रूपी संपत्ति भी प्राप्त होती है। इस प्रकार जहाँ सुमति है, वहीं तरह-तरह की संपत्तियों का वास है।
Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.