Question
जहाँ सुमति तह सम्पत्ति नाना।

Answer

सुमति का अर्थ है सद्बुद्धि। चाणक्य ने कहा था कि मेरा सर्वस्व चला जाए तो मुझे उसकी चिन्ता नहीं बस मेरी बुद्धि मेरा साथ न छोड़े। सचमुच, जहाँ सद्बुद्धि है वहीं सन्मार्ग है, वहीं आपसी एकता और मेल है। सद्बुद्धि ऐसी संपत्ति है जिसके पास अन्य संपत्तियां अपने आप खिच आती हैं। सबुद्धिवाला कम आय में भी सुखमय जीवन “बिता सकता है।

दुर्बुद्धिवाला व्यक्ति बहुत कमाकर भी दुःखी रहता है। सद्बुद्धि आय के ही नहीं, व्यय के भी सही मार्ग बताती है। उससे धन-संपत्ति का दुरुपयोग नहीं होता। एकता और सुमेल होने से संपत्ति नष्ट नहीं होती। इतना ही नहीं, सद्बुद्धि से जीवन में शांति, धैर्य, सच्चरित्रता, सुयश, प्रतिष्ठा, सच्ची मित्रता रूपी संपत्ति भी प्राप्त होती है। इस प्रकार जहाँ सुमति है, वहीं तरह-तरह की संपत्तियों का वास है।

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