जीवन परिचय:
कबीरदास हिन्दी साहित्य के भक्ति काल के महानतम संत कवि थे। उनका जन्म 15वीं शताब्दी में माना जाता है। परंपरा के अनुसार वे काशी (वाराणसी) में जन्मे थे और एक जुलाहा मुस्लिम परिवार में पले-बढ़े। हालांकि वे धर्म, जाति और बाह्य आडंबरों के घोर विरोधी थे।
कबीर का जीवन तप, साधना, और सामाजिक जागृति का आदर्श उदाहरण था। उन्होंने गुरु रामानंद से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। कबीर ने निर्गुण भक्ति मार्ग का समर्थन किया और हिन्दू-मुसलमान दोनों की कट्टरताओं पर कठोर प्रहार किया।
उनकी मृत्यु 1518 ई. के आसपास मगहर (उत्तर प्रदेश) में मानी जाती है।
प्रमुख रचनाएँ:
कबीर ने कोई ग्रंथ स्वयं नहीं लिखा, लेकिन उनकी वाणी को उनके शिष्यों ने संकलित किया, जो विभिन्न ग्रंथों में मिलती है:
- बीजक
- साखी संग्रह
- कबीर ग्रंथावली
- अनुराग सागर