खलियाँ दो प्रकार की होती हैं- (1) खाद्य खलियाँ तथा (2) अखाद्य खलियाँ।
(1) खाद्य खलियाँ-ये वे खलियाँ हैं जिन्हें पशुओं को खिलाने के काम लिया जाता है। जैसे-बिनौला, मूँगफली, सरसों, तारामीरा, तिल, नारियल आदि।
(2) अखाद्य खलियाँ-ये वे खलियाँ हैं जिन्हें पशु नहीं
खाते तथा इनको खेतों में खाद्य के रूप में काम में लिया जाता है। जैसे-अरण्डी, महुआ, नीम तथा करंज।