Question
कवि बच्चन रचित 'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' गीत का प्रतिपाद्य बताइये।

Answer

इस गीत का प्रतिपाद्य यह है कि समय निश्चित गति से चलता है। पथिक को भी अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए गतिशील रहना चाहिए। जीवन में कुछ कर गुजरने का उत्साह, साहस एवं लगन रखनी चाहिए।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

“परदे पर वक्त की कीमत है"-इस कथन का क्या आशय है?
जूझ' आत्मकथात्मक अंश के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। ### लेखक ने 'जूझ' आत्मकथात्मक अंश के माध्यम से क्या संदेश दिया है? लिखिए।
मुअनजो-दड़ो में 'रंगरेज का कारखाना' किस रूप में था? 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के आधार पर बताइए।
चैप्लिन ने न सिर्फ फिल्म-कला को लोकतान्त्रिक बनाया बल्कि दर्शकों की वर्ग तथा वर्ण व्यवस्था को तोड़ा।' इस पंक्ति में लोकतान्त्रिक बनाने का और वर्ण-व्यवस्था तोड़ने का क्या अभिप्राय है? क्या आप इससे सहमत हैं?
बगुलों के पंख' कविता में चित्रित सौन्दर्य पर प्रकाश डालिये।
कारागार से डर लगने पर भी भक्तिन ने वहाँ जाने का विचार कब और क्यों किया? :
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है'-की आवृत्ति से कविता की किस विशेषता का पता चलता है?
रावण के अभिमानी वचन सुनकर कुम्भकर्ण ने क्या कहा?
भक्तिन के स्वभाव के दो गुण थे परिश्रम करना और कर्त्तव्य का पालन करना। भक्तिन' संस्मरण के आधार पर बताइए।
"तुझे बुलाता कृषक अधीर, ऐ विप्लव के वीर" कवि निराला ने 'विप्लव का वीर' किसे कहा है? और क्यों?