Question
क्या आप सोचते हैं कि प्रबन्ध एक कला है ?

Answer

प्रबन्ध एक कला है
सामान्यतः किसी भी कार्य को सर्वोत्तम ढंग से करने की क्रिया को कला कहते हैं । कला व्यक्तिगत होती है, यह इच्छित परिणामों की प्राप्ति के लिए चातुर्य, ज्ञान, अध्ययन एवं सिद्धान्तों का व्यावहारिक उपयोग बतलाती है। कला की सफलता व्यक्तिगत योग्यता, दक्षता, अनुभव एवं अभ्यास, लगन तथा चातुर्य पर निर्भर करती है। इसे संचय करना सम्भव नहीं है, यह व्यावहारिक ज्ञान है तो सृजनात्मक भी है। कला की उक्त विशेषताओं को प्रबन्ध के सन्दर्भ में देखें तो यह कहा जा सकता है कि प्रबन्ध करना भी एक कला है। कला की भाँति ही प्रबन्ध में अग्रलिखित विशेषताएँ होती हैं
1. एक सफल प्रबन्धक, प्रबन्ध कला का उद्यम के दिन-प्रतिदिन के प्रबन्ध में उपयोग करता है जो कि अध्ययन, अवलोकन एवं अनुभव पर आधारित होती है।
2. कला की भाँति ही प्रबन्ध के विभिन्न सिद्धान्त हैं जिनका प्रतिपादन कई प्रबन्ध विचारकों ने किया है तथा जो कुछ सर्वव्यापी सिद्धान्तों को अधिकृत करते हैं। एक अच्छा प्रबन्धक वह है जो व्यवहार, रचनात्मकता, कल्पना शक्ति, पहल क्षमता आदि को मिलाकर कार्य करता है। एक कलाकार की भाँति प्रबन्धक भी एक लम्बे अभ्यास एवं अनुभव के पश्चात् सम्पूर्णता को प्राप्त करता है।
3. एक प्रबन्धक प्राप्त ज्ञान का परिस्थितिजन्य वास्तविकता के परिदृश्य में व्यक्तिनुसार एवं दक्षतानुसार उपयोग करता है। वह परिस्थितियों का अध्ययन करता है एवं अपने सिद्धान्तों को दी गई परिस्थितियों के अनुसार उपयोग में लाता है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि प्रबन्ध एक कला है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

वस्तु या माल तथा सेवा से आपका क्या तात्पर्य है?
औपचारिक सम्प्रेषण के निम्न तंत्रों को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए-
(i) श्रृंखला (Chain)
(ii) स्वतंत्र/मुक्त प्रवाह (Free Flow)
परिचालन प्रबन्ध पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उपभोक्ता अदालत यदि शिकायत की यथार्थता से संतुष्ट है तो यह विरोधी पक्ष को क्या निर्देश दे सकता है?
नियन्त्रण की तकनीक के रूप में बजटीय नियन्त्रण से क्या अभिप्राय है ? इसके किन्हीं तीन लाभों का उल्लेख कीजिये।
प्राथमिक तथा द्वितीयक बाजार में दो अन्तर बतलाइये।
प्रबंधन किन-किन कारणों से महत्त्वपूर्ण हो गया है ? संक्षेप में समझाइये।
नेतृत्व के कोई दो महत्त्व बताइये। .
जिला मंच एवं राज्य आयोग के प्रधान एवं सदस्यों की क्या योग्यताएँ होनी चाहिए?
"व्यवसाय के अन्तिम खाते प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निश्चित ही प्रभावित होते हैं।" इसके पहलू लिखिए।