दिलीप ने लड़के की कोठरी में झाककर देखा | मुश्किल से आदमी के कद की ऊंचाई की कोठरी में जैसी प्राय: शहरो में इंधन रखने के लिए बनी रहती है | धुँआ उगलती मिटटी के तेल की ढिबरी अपना धुंधला लाल प्रकाश फैला रही थी | एक छोटी चारपाई ,जैसी की श्राद्ध में महाब्राह्मणों को दान दी जाती है , काली दीवार के सहारे खड़ी थी | उसकी पाए से दो एक मैले कपडे लटक रहे थे | एक क्षीणकाय ,आघेड उम्र की स्त्री मैली सी धोती में शरीर लपेटे बैठी थी |