यह पौधा सना है , यह पौधा अपना है |यह पौधा नए तन मन का और नए जन गन का है | यह पौधा सबका है, यह पौधा उनका है | यह पौधा एक डोर में बंधा है और नए भोर में जागता है ,अर्थात सुबह होते ही जागता है | यह पौधा हमारा सपना है और अपना है | यह पौधा हमें प्यार करता है और हम उसे प्यार करते है | हम सब मिलकर इसके साथ खाते पिते है | यह पौधा हंमसे बाते करता है और हमारी भाषा समझता है |