जीवन-परिचय- मैथिलीशरण गुप्त का जन्म सन् 1886 ई. में चिरगाँव, जिला- झाँसी के सेठ रामचरण गुप्त के घर हुआ था। कक्षा नौ तक शिक्षा प्राप्त मैथिलीशरण ने स्वाध्याय से ज्ञानार्जन किया। महावीर प्रसाद द्विवेदी के सानिध्य में आने पर इनकी प्रतिभा चमक उठी। भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण आत्मा वाले मैथिलीशरण गुप्त गाँधीजी के प्रभाव से भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हुए और जेल यात्राएँ कीं । स्वतन्त्रता के बाद राष्ट्रपति ने इन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया। सन् 1948 ई. में आगरा विश्वविद्यालय ने इन्हें डी. लिट् की उपाधि से विभूषित किया। 'साकेत' के लिए इन्हें मंगला प्रसाद पारितोषिक प्राप्त हुआ। सन् 1964 ई. में इनका निधन हो गया।
रचनाएँ– (1) जयभारत, (2) पंचवटी, (3) भारत-भारती, (4) यशोधरा, (5) जयद्रथ वध (6) सिद्धराज, (7) द्वापर, (8) अनघ, (9) झंकार आदि ।