प्रबन्ध की प्रकृति एवं महत्त्व — व्यवसाय अध्ययन कक्षा 12 कॉमर्स — Question
CBSE Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 12 कॉमर्सव्यवसाय अध्ययनप्रबन्ध की प्रकृति एवं महत्त्व3 Marks
Question
मध्यस्तरीय प्रबन्ध पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
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Answer
मध्यस्तरीय प्रबन्ध-मध्यस्तरीय प्रबन्ध उच्च प्रबन्धकों एवं निम्न स्तर के बीच की कड़ी होते हैं। ये उच्च प्रबन्धकों के अधीनस्थ एवं प्रथम रेखीय प्रबन्धकों के प्रधान होते हैं। इन्हें सामान्यतः विभाग प्रमुख, परिचालन प्रबन्धक कहते हैं। मध्य-स्तरीय प्रबन्धक, उच्च प्रबन्ध द्वारा विकसित नियन्त्रण योजनाएँ एवं व्यूह-रचना के क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी होते हैं। ये प्रथम रेखीय प्रबन्धकों के सभी कार्यों के लिए उत्तरदायी होते हैं। इनका मुख्य कार्य उच्चस्तरीय प्रबन्धकों द्वारा तैयार योजनाओं को पूरा करना होता है। इसके लिए-(i) उच्च प्रबन्धकों द्वारा बनायी गयी योजनाओं की व्याख्या करते हैं। (ii) अपने विभाग के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को सुनिश्चित करते हैं। (iii) उन्हें आवश्यक कार्य एवं दायित्व सौंपते हैं। (iv) इच्छित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु अन्य विभागों से सहयोग करते हैं। इसके साथ-साथ वे प्रथम पंक्ति के प्रबन्धकों के कार्यों के लिए उत्तरदायी होते हैं।
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