Question
महंगाई – एक विकट समस्या

Answer

महंगाई का अर्थ है - जीवन आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में लगातार वृद्धि | रोटी ,कपड़ा, मकान ,शिक्षा और मनोरंजन - यह आज के मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं हैं | यदि आम आदमी को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति सरलता से होती हो तो महंगाई का प्रश्न ही नहीं खड़ा होता | लेकिन ऐसा नहीं होता विभिन्न कारणों से बाजार में चीजों के दाम बढ़ते ही चाहते हैं | जब यह मूल्य वृद्धि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती है | तब उस स्थिति में महंगाई का नाम दे दिया जाता है | दुर्भाग्य से पिछले कई दशकों से महंगाई ने लोगों का जीना हराम कर रखा है | महंगाई बढ़ने के अनेक कारण है | सूखा, बाढ़, हिमपात आदि प्राकृतिक कारणों से फसलों को होने वाली हानि खाद्य पदार्थों की कमी पैदा करती है | इस कमी के कारण बाजार में अनाज, फलों और सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं | उत्पादन में खर्च बढ़ने पर उत्पादित वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि हो जाती है | कोयला ,पेट्रोल ,केरोसिन , डीजल आदि इन दोनों की मूल्यवृद्धि से भी महंगाई बढ़ती है | युद्ध ,हड़ताल ,दंगे आदि के कारण बाजार में वस्तुओं की पूर्ति पर विपरीत असर होती है | और मूल्य सूचकांक ऊपर चला जाता है | महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण जनसंख्या में तीव्र बुद्धि है |जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में जरूरी वस्तुओं का उत्पादन होना महंगाई को प्रोत्साहित करता है कालाबाजारी ,तस्करी ,आदि के कारण भी मूल्यों में वृद्धि हो जाती है |
$\quad$$\quad$$\quad$महंगाई अनेक दुष्परिणामों को जन्म देती है | जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने से सामान्य जनता का जीवन निर्वाह कठिन हो जाता है | मध्यम वर्ग की समस्याएं भयानक रूप ले लेती है |छाती फाड़ कर काम करने पर भी गरीबों को पेट भर भोजन नहीं मिल पाता | सामान्य परिवारों के बच्चों को पोषक आहार न मिलने से उनका उचित विकास नहीं हो पाता | गरीब परिवार के लड़के लड़कियों को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देनी पड़ती है |कन्याओं के हाथ समय पर पीले नहीं हो पाते | मध्यम वर्ग के लोग कर्ज के भार से दब जाते हैं | चोरी, रिश्वतखोरी ,डकैती, तस्करी, गुंडागर्दी, आदि सामाजिक बुराइयों के पीछे महंगाई का ही विशेष हाथ होता है |
$\quad$$\quad$$\quad$महंगाई पर नियंत्रण पाने के प्रयत्न कारगर नहीं हो पाते | सरकारी प्रयास भी हाथी के दांत ही साबित होते हैं | फिर भी यदि सरकार व्यापारी ,कालाबाजारी से बचें और लोग सादगी तथा संयम का जीवन अपनाएं तो मूल्य वृद्धि रोकी जा सकती है |

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