Question
मित्र के दादा जी के निधन पर उसे सांत्वना पत्र लिखिए।

Answer

परीक्षा भवन
नई दिल्ली
दिनांक …..
प्रिय मित्र रोहन
सस्नेह नमस्कार
कल शाम को तुम्हारा मित्र मिला। यह जानकर बड़ा दुख हुआ कि तुम्हारे पूज्य दादा जी को अचानक निधन गत सप्ताह हो गया। यह सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। मुझे इस समाचार पर सहसा विश्वास नहीं हुआ। पिछले महीने जब मैं तुम्हारे यहाँ आया था तब वे कितने प्रसन्नचित एवं स्वस्थ लग रहे थे। उन्होंने उपहार के तौर पर एक कलम भी दिया था। वह कलम सदैव उनकी स्मृति बनकर मेरे पास रहेगा।

ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और तुम्हें एवं तुम्हारे परिवारजनों को यह दुख सहने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करे।

मित्र, ईश्वर की लीला बड़ी विचित्र है। उनकी मरजी पर किसी का ज़ोर नहीं। जीवन-मरण उनके साथ ही में है। मैं तुमसे मिलने अवश्य आऊँगा।
तुम्हारा अभिन्न मित्र
राकेश

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