Rajasthan Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 11 साइन्सकृषि विज्ञानमृदा3 Marks
Question
मुरझान गुणांक को समझाइये।
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Answer
मुरझान गुणांक (Wilting co-effient) - जब मृदा में नमी की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि पौधों की जड़ें मृदा कणों से जल का अवशोषण नहीं कर पाती हैं तो पौधा वाष्पोत्सर्जन द्वारा हो रही जल की हानि की पूर्ति करने में असमर्थ रहता है। इससे पौधे के अन्दर स्फीर्ति (Turgidity) कम होकर सूखना प्रारम्भ हो जाता है। इस अवस्था में मृदा में पानी देने पर पौधा पुनः स्फीर्ति लाकर जीवित होने लगता है तो उसे अस्थायी म्लानि बिन्दु कहते हैं और यदि पौधा पुनः स्फीर्ति प्राप्त करने में असमर्थ रहकर मुरझा जाता है तो उसे स्थायी म्लानि बिन्दु कहते हैं। ऐसी अवस्था में मृदा में उपस्थित जल की प्रतिशत मात्रा को मुरझान गुणांक कहते हैं।
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