Question
$NH _3$ में संकरण की व्याख्या कीजिए।

Answer

$NH _3$ में $N$ पर $sp ^3$ संकरण होता है:
तलस्थ अवस्था में $N$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न प्रकार होता

Image

चार $sp ^3$ संकर कक्षकों में से तीन $sp ^3$ संकर कक्षकों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं जबकि चौथे $sp ^3$ संकर में एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है। नाइट्रोजन के तीन $sp$ संकर कक्षक तीन हाइड्रोजन परमाणुओं के $1 s$ कक्षकों के साथ अतिव्यापन करके तीन N-H आबंध बनाते हैं। एकाकी इलेक्ट्रॉन-युग्म तथा आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म (1.p-b.p) के बीच प्रतिकर्षण, आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म-आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म (b. p bp) की अपेक्षा अधिक होता है। इससे $NH _3$ के अणु आबंध कोण 109.50 से घटकर $107^{\circ}$ हो जाता है तथा अणु की ज्यामिति विकृत होकर पिरामिडी हो जाती है।

Image

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

कार्बन के $2 \times 10^8$ परमाणु एक कतार में व्यवस्थित हैं। यदि इस व्यवस्था की लम्बाई 2.4cm है, तो कार्बन परमाणु की त्रिज्या की गणना कीजिए।
d-ब्लॉक के तत्त्वों के गुण लिखिए।
निम्नलिखित यौगिकों की अनुनाद-संरचना लिखिए तथा इलेक्ट्रॉनों का विस्थापन मुड़े तीरों की सहायता से दर्शाइए।
$C_6 H_5 OH$
$C_6 H_5 NO_2$
$CH_3 CH=CHCHO$
$C_6 H_5-CHO$
${\mathrm C}_6{\mathrm H}_5-\overset+CH_2$
$CH_3CH=CH\overset+CH_2$
इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी और इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता में क्या मूल अंतर है?
निम्न को परिभाषित कीजिए:
1. स्थूल गुण
2. अन्तराआण्विक बल।
यह मानते हुए कि किसी भी प्रकार के आयन जल से अभिक्रिया नहीं करते, शुद्ध जल में $A_2 X_3$ की विलेयता की गणना कीजिए। $A_2 X_3$ का विलेयता गुणनफल $K_{ sp }=1.1 \times 10^{-23}$ है।
लवणीय हाइड्राइड किस प्रकार कार्बनिक यौगिकों से अति सूक्ष्म जल की मात्रा को हटा सकते हैं?
सोडियम लैम्प द्वारा उत्सर्जित पीले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $(\lambda)$ 580nm है। इसकी आवृत्ति (v) और तरंग संख्या (v) का परिकलन कीजिए।
निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रेक्षण पर टिप्पणी लिखिए-
  1. जलीय विलयनों में क्षार धातु आयनों की गतिशीलता $L^i < Na^+ < K^+ < Rb^+ < Cs^+$ क्रम में होती है।
  2. लीथियम ऐसी एकमात्र क्षार धातु है, जो नाइट्राइड बनाती है।
  3. $M^{2+}$(aq) + $2e^-$$⟶$ M(s) हेतु $\mathrm{E}^{\ominus}$ (जहाँ, M = Ca, Sr या Ba) लगभग स्थिरांक हैं।
आयनिक यौगिकों के लिए जल एक आदर्श विलायक होता है। क्यों?