निर्धनता को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
1. चिरकालिक निर्धन: चिरकालिक निर्धन में दो वर्ग आते हैं - एक, सदा निर्धन, जो सदैव निर्धन रहते हैं तथा दूसरा, सामान्यतः निर्धन, जो निर्धन तो होते हैं; किन्तु कभी - कभी उनके पास कुछ धन भी आ जाता है।
2. अल्पकालिक निर्धन अल्पकालिक निर्धन में दो वर्ग आते हैं - पहला चक्रीय निर्धन, जो निरन्तर निर्धन . एवं गैर-निर्धन वर्ग के बीच झूलता रहता है तथा दूसरा वर्ग यदाकदा निर्धन का है, जो अधिकांश समय धनी रहते हैं किन्तु कभी - कभी निर्धन की श्रेणी में आ जाते हैं।