Question
$\mathrm{P}$-प्रकार एवं $\mathrm{N}$-प्रकार का अर्द्धचालक :

Answer

(A)

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

L लम्बाई व M चुम्बकीय आघूर्ण की छड़ को मोड़कर अर्द्ध- वृत्ताकार बनाया गया है, तो इसका चुम्बकीय आघूर्ण होगा-
20 कूलॉम आवेष को बिन्दु A से B तक 0.2 मीटर तक लाने में किया गया कार्य 2 जूल है। दोनों बिन्दुओं के मध्य विभवान्तर है
नियत दाब तथा नियत आयतन पर विश्ष्ट ऊष्मा का अनुपात $r$ है। यदि गैस का आयतन स्थिर दाब $P$ पर $V$ से $2 V$ कर दिया जाए तो गैस की आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि होगी :
विभवान्तर V, आवेश Q तथा धारिता C में सम्बन्ध है-
एक परिपथ में $X _{ L }=31 \Omega, R =8 \Omega, X _{ C }=25 \Omega$ श्रेणी क्रम में लगाये गये हैं। इन्हें $110 V$ a.c. के साथ जोड़ा गया है। शक्ति-घटक होगा :
प्रत्यावर्ती धारा 1 = 200 sin $\left(60 \pi t+\frac{\pi}{6}\right)$ में विद्युत धारा की आवृत्ति होगी-
किसकी तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होगी-
दो तरंगों को क्रमशः $y _1= a \sin (\omega t + kx +0.57) m$ तथा $y _2= a \cos (\omega t + kx ) m,$ से निरूपित किया जाता है, जहाँ $x$ मीटर में और $t$ सैकण्ड में है, तो दोनों तरंगों के बीच कलान्तर है:
दिये गये चित्र में $3 \Omega$ के प्रतिरोध में $0.8 A$ धार प्रवाहित होती है। ज्ञात करो कि $4 \Omega$ के प्रतिरोध विभवान्तर का मान क्या होगा?

परमाणु क्रमांक से तात्पर्य है-