बुझा दीप झाँसी का तब डहलौज़ी मन में हरषाया,
राज्य हड़प करने का उसने यह अच्छा अवसर पाया,
फौरन फ़ौजें भेज दुर्ग पर अपना झंडा फहराया,
लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया,
अश्रपूर्ण रानी ने देखा
झाँसी हुई बिरानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी॥
QUESTION:
Q.1. झाँसी का दीप बुझने से कवयित्री का क्या आशय है?
(A) राज्य में अंधकार छा गया (B) राज्य पराधीन हो गया (C) लक्ष्मीबाई की मृत्यु (D) युद्ध में हार
Q.2. डहलौज़ी मन-ही-मन क्यों प्रसन्न हुआ?
(A) डहलौज़ी को अब अवसर मिल गया कि वह झाँसी राज्य को अंग्रेज़ी राज्य में मिला सकता था। (B) डहलौजी झाँसी पर हमला करना चाहता था। (C) वह लावारिस राज्य का वारिस बनना चाहता था। (D) सभी कथन सत्य हैं