Question
प्रीयोन की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

Answer

एस.बी. प्रूजीनर (S.B. Prusiner, 1982) ने भेड़ व बकरी के स्क्रेपी रोग में 'संक्रमणकारी प्रोटीन कण' की खोज कर उन्हें प्रीयोन (Prion) नाम दिया। प्रीयोन प्रोटीनयुक्त संक्रामक कण (Proteinaceous infectious particle = PTP) है। इसे स्लो विषाणु (slow virus) तथा 'पजलिंग प्रोटीन' (Puzzling protein) के नाम से भी जाना जाता है।
अभी तक समस्त रोगजनकों में से प्रीयोन ही एक ऐसा रोगजनक है जिसमें न्यूक्लिक अम्ल का अभाव होता है। इसके द्वारा मानव में 'कुरु' एवं सी.जे.डी. (Creutzfeldt Jacob Disease) तथा पशुओं में 'स्क्रेपी' एवं 'मैड काउ' (Mad cow) रोग उत्पन्न होते हैं। भेड़- बकरियों के तंत्रिका तंत्र में सरकापिया मृत्युकारी रोग (Scrapiea foetal disease) का संक्रमण होता है। प्रीयोन विषाणु की तुलना में 100 गुना छोटी साइज के होते हैं, ये केवल प्रोटीन के बने होते हैं। पौधों में इसके द्वारा अभी कोई रोग ज्ञात नहीं हुआ है।

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