लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार,
देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों के वार,
नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार,
सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना, ये थे उसके प्रिय खिलवार,
महाराष्ट्र-कुल-देवी उसकी
भी आराध्य भवानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी।
QUESTION:
Q.1. वीरता की अवतार किसे कहा गया है?
(A) दुर्गा को (B) भवानी को (C) लक्ष्मी को (D) लक्ष्मीबाई को
Q.2. लक्ष्मीबाई को तलवार चलाते देख कौन प्रसन्न होते थे?
(A) बुंदेले (B) मराठे (C) गुजराती (D) पंजाबी
Q.3. लक्ष्मीबाई को दुर्गा का अवतार क्यों कहा जाता था?
Q.4. मराठे क्यों पुलकित होते थे?