Question
सूर्य का प्रकाश पौधों के लिए क्यों आवश्यक है?

Answer

सूर्य का प्रकाश पौधों के लिए अत्यावश्यक है। सूर्य के प्रकाश की मदद से ही पौधे अपना भोजन बनाते हैं। इस प्रक्रिया में वे वातावरण में उपस्थित कार्बन डाईऑक्साइड को लेकर बदले में वातावरण में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

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'तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है'-इस बात के लिए लेखिका क्या-क्या उदाहरण देती हैं?
तुमने कपड़ो को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े कुछ शब्द दिए गए हैं। आस-पास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।

तुरपाई कच्ची सिलाई

बखिया चोर सिलाई

इनकी गाथा छोड़ चले हम झाँसी के मैदानों में,
जहाँ खड़ी है लक्ष्मीबाई मर्द बनी मर्दानों में,
लेफ्टिनेंट वॉकर आ पहुँचा, आगे बढ़ा जवानों में,
रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में,
ज़ख्मी होकर वॉकर भागा,
उसे अजब हैरानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुंह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी॥
QUESTION:
Q.1. झाँसी के मैदानों में मर्द बनकर कौन खड़ी है?
(A) रानी की सखियाँ (B) रानी लक्ष्मीबाई (C) राजपूत नारियाँ (D) राजघराने की सभी नारियाँ
Q.2. युद्ध क्षेत्र में रानी के पहुँचने के बाद कौन अंग्रेज़ सेनापति आ पहुँचा?
(A) डलहौजी (B) कार्नवालिस (C) लेफ्टिनेंट वॉकर (D) लार्ड वेलेजली
Q.3. इस पद्यांश में झाँसी के मैदानों में चलने की बात क्यों की गई है?
Q.4. किस अंग्रेज सेनापति ने अपने जवानों के साथ झाँसी के मैदान में रानी से युद्ध किया?
‘लोक’ शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझें, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि उनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ। जैसे- लोककला।
हमें अपनी जिह्वा से सोच-समझकर क्यों बोलना चाहिए?
हिरनों के झुंड ने क्या ताड़ लिया?
मुझे मालूम है कि इन छोटे-छोटे खतों में बहुत थोड़ी-सी बातें ही बतला सकता हूँ लेकिन मुझे आशा है कि इन थोड़ी-सी बातों को भी तुम शौक से पढ़ोगी और समझोगी कि दुनिया एक है और दूसरे लोग जो इसमें आबाद हैं, हमारे भाई-बहन हैं। जब तुम बड़ी हो जाओगी तो तुम दुनिया और उसके आदमियों का हाल मोटी-मोटी किताबों में पढोगी। उसमें तुम्हें जितना आनंद मिलेगा, उतना किसी कहानी या उपन्यास में भी न मिला होगा।
QUESTION:
Q.1. किसे, क्या मालूम है?
Q.2. छोटे-छोटे पत्र किसके द्वारा किसे लिखा जा रहा है?
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
एक और एक मिल कर ग्यारह होते हैं।
इन दोनों कहावतों का अर्थ कहावत-कोश में देखकर समझो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
पिता-कहाँ? कुछ भी नहीं। सिर्फ एक केला और एक संतरा खाया था। अरे, यह तो दफ़तर से चलने तक कूदता फिर रहा था। बस अड्डे पर आकर यकायक बोला-पिता जी, मेरे पेट में तो कुछ ऐसे-ऐसे’ हो रहा है। माँ-कैसे?
पिता-बस ‘ऐसे-ऐसे’ करता रहा। मैंने कहा-अरे, गड़गड़ होती है? तो बोला नहीं। फिर पूछा-चाकू सा चुभता है? तो जवाब दियानहीं। गोला-सा फूटता है? तो बोला नहीं। जो पूछा उसका जवाब नहीं। बस एक ही रट लगाता रहा, कुछ ऐसे-ऐसे’ होता है।
QUESTION:
Q.1. एक केला और संतरा किसने खाया था?
(A) सोहन ने (B) रोहन ने (C) मोहन ने (D) रोहित ने
Q.2. ‘ऐसे-ऐसे’ का बहाना कौन करता था?
(A) सोहन एक मास्टर (B) मोहन स्वयं (C) मोहन का पिता (D) मोहन की माँ
कई लोग चीजें इकट्ठी करते हैं और 'गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज करवाते हैं। इसके पीछे उनकी क्या प्रेरणा होती होगी? सोचो और अपने दोस्तों से इस पर बातचीत करो।