Question
पृथ्वी का विधुत विभव माना गया है-

Answer

(स) शून्य

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

एक लम्बे धारा प्रवाहित तार की वजह से किसी बिन्दु $P$ पर जो तार से $4$ सेमी दूर है, चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता $10^{-3} T$ है। तो $12$ सेमी दूर स्थित बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता ज्ञात करो।
किसी प्रकाश सुग्राही धातु के लिये, देहली आवृत्ति $3.3 \times 10^{14} Hz$ है। यदि इस धातु पर $8.2 \times 10^{14} Hz$ आवृत्ति का प्रकाश आपतित हो तो प्रकाश विद्युत उत्सर्जन के लिए निरोधी $($अन्तक$)$ वोल्टता होगी, लगभगः
$CuSO _4$ विलयन में दिष्ट धारा प्रवाहित की गयी। इस दो प्लैटिनम के इलेक्ट्रॉंड लगाये गये हैं। जो तत्व इलेक्ट्रों पर एकत्र होंगे वे है:
सेल का आन्तरिक प्रतिरोध है
जब एक परीक्षण आवेश को किसी विधुत द्विध्रुव के निरक्ष रेखा के अनुदिश अनन्त से द्विध्रुव के निकट लाया जाता है तो किया गया कार्य होगा-
प्रकाश-वैद्युत प्रभाव में आवृत्ति तथा गतिज ऊर्जा का ग्राफ होगा
एक कण का द्रव्यमान $m$ तथा वेग $v$ है इससे संबंधित डी-ब्राग्ली तरंगदैध्य का मान है
जिस प्रक्रिया द्वारा एक भारी नाभिक लगभग समान द्रव्यमान वाले दो हल्के नाभिकों में विभक्त हो जाता है, उसे कहा जाता है
गतिशीलता का S.I. पद्धति में मात्रक है-
गतिमान आवेश से सम्बद्ध ऊर्जा का कारण है-