किसी भी मानचित्र पर वास्तविक आकार एवं प्रकार में विभिन्न आकृतियों; जैसे - भवनों, सड़कों, पुलों, वृक्षों, मेल की पटरियों या कुएँ को दिखाना संभव नहीं होता है। इसलिए, वे निश्चित अक्षरों, छायाओं, रंगों, चिों तथा रेखाओं का उपयोग करके दर्शाए जाते हैं। मानचित्रों की एक विश्वव्यापी भाषा होती है जिसे सभी आसानी से समझ सकते हैं। इन प्रतीकों के उपयोग के संबंध में एक अंतर्राष्ट्रीय सहमति है। ये रूढ़ प्रतीक कहलाते हैं।