सामाजिक अपवर्जन निर्धनता का कारण एवं परिणाम दोनों है। सामाजिक अपवर्जन की अवधारणा के अनुसार निर्धनता को इस संदर्भ में देखा जाता है कि निर्धनों को बेहतर माहौल और अधिक अच्छे वातावरण में रहने वाले सम्पन्न लोगों की सामाजिक क्षमता से अपवर्जित रहकर केवल निकृष्ट वातावरण में दूसरे निर्धनों के साथ रहना पड़ता है। दूसरे शब्दों में, सामाजिक अपवर्जन एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति या समूह उन सुविधाओं, लाभों और अवसरों का उपभोग नहीं कर पाता है जिनका उपभोग उच्च वर्ग के लोग करते हैं। इस प्रकार सामाजिक अपवर्जन लोगों की आय में ही कमी नहीं करता, बल्कि उससे कहीं अधिक क्षति पहुँचाता है।