Question
संभव केबिल कार में बैठकर क्या सोच रहा था?

Answer

संभव मंसा देवी जाने के लिए केबिल कार में बैठा था। केबिल कार में बैठे सेंभव के मन में अनेक कल्पनाएँ जन्म ले रही थीं। उसके दिमाग में वह घाट वाली लड़की बार-बार घूम रही थी। उसके मस्तिष्क में लड़की की छवि बस गई थी। वह चारों ओर उस लड़की को पाने के लिए बेचैन था और उसे खोज रहा था। वह गुलाबी रंग की केबिल कार में जा बैठा क्योंकि उस लड़की ने भी गुलाबी साड़ी पहनी हुई थी। संभव मंसा देवी भी इसी उम्मीद में ही जा रहा था कि शायद उस लड़की को एक बार देख पाए।

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