हाइड्रोकार्बन — रसायन विज्ञान कक्षा 11 साइन्स — Question
Gujarat Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 11 साइन्सरसायन विज्ञानहाइड्रोकार्बन2 Marks
Question
संरूपणी समावयवता क्या होती है? समझाइए।
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Answer
ऐनों में कार्बन - कार्बन (C-C) सिग्मा (G) बंध होता है। इसके अन्तरनाभिकीय अक्ष ( Internuclear axis) के चारों ओर सिग्मा आण्विक कक्षक के इलेक्ट्रॉन का वितरण सममित ( Symmetrical) होता है। अत:C-C एकल आबंध के चारों ओर मुक्त घूर्णन होता है। इस मुक्त घूर्णन के कारण त्रिविम में अणुओं के विभिन्न विन्यास होते हैं। ये विभिन्न विन्यास (समावयव) एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकते हैं। परमाणुओं की ऐसी त्रिविम व्यवस्थाएँ जो C-C एकल बंध के घूर्णन के कारण एक-दूसरे में परिवर्तित हो जाती हैं संरूपण, संरूपणीय समावयवी या घूर्णी समावयवी ( Rotamers) कहलाती हैं तथा इसे संरूपणी समावयवता कहते हैं। अत: C-C एकल बंध के घूर्णन के कारण ऐल्केनों में असंख्य संरूपण संभव हैं। लेकिन यह घूर्णन पूर्णतः मुक्त नहीं होता है। निकटवर्ती बन्धों के मध्य प्रतिकर्षण के कारण यह $1-20 kJ mol ^{-1}$ ऊर्जा द्वारा बाधित (Hindered) होता है। इस प्रकार के दुर्बल प्रतिकर्षण को मरोड़ी विकृति (Torsional strain) कहते हैं।
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