संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना 1945 ई. में हुई थी। अपनी स्थापना के समय से अब तक संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्व राजनीति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने अनेक राजनीतिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला है। आज संसार दो शक्तिशाली गुटों में विभाजित है। संयुक्त राष्ट्रसंघ दोनों के बीच सामंजस्य एवं सद्भाव स्थापित करने की कोशिश में लगा रहता है।
इसकी महत्ता इस बात पर आंकी जा सकती है कि इसने अनेक विवादास्पद मामलों में भी हस्तक्षेप किया है। अरब इजरायल संघर्ष, खाड़ी युद्ध, आफगानिस्तान की समस्या, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया की स्वतंत्रता आदि प्रश्नों पर संयुक्त राष्ट्रसंघ के हस्तक्षेप और सूझबूझ से अभी तक तृतीय विश्वयुद्ध नहीं हो सका है। यही इसकी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है, जो इसको श्रेष्ठतम महत्ता प्रदान करती है।
इसके अतिरिक्त उपनिवेशवाद और. साम्राज्यवाद की समाप्ति में सहयोग प्रदान किया । इसने मानवाधिकारों की सुरक्षा एवं मानव-कल्याण के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य किये। अपनी विशिष्ट संस्थाओं द्वारा इसने बालकों, श्रमिकों तथा स्त्रियों की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया है । शिक्षा, कला एवं संस्कृति के विकास को प्रोत्साहन दिया है। संक्रामक रोगों एवं महामारियों को रोकने तथा चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने का काम भी किया गया है । इस प्रकार इसका अभी भी काफी महत्त्व है।