1. उपभोक्ता कीमत सूचकांक अथवा निर्वाह सूचकांक, मजदूरी समझौता, आय नीति, कीमत नीति, किराया नियन्त्रण, कराधान तथा सामान्य आर्थिक नीतियों के निर्माण में सहायक होते हैं।
2. थोक कीमत सूचकांक का प्रयोग समुच्चयों की कीमतों में परिवर्तन जैसे कि राष्ट्रीय आय, पूँजी निर्माण आदि के परिवर्तनों के प्रभाव को समाप्त करने के लिए किया जाता है।
3. थोक कीमत सूचकांक का प्रयोग सामान्य रूप से मुद्रा स्फीति दर को मापने में किया जाता है।