अब अनेक विकासशील देश यह अनुभव कर रहे हैं कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे पारंपरिक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों से निर्धनता की समस्या संभव नहीं है। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस प्रकार की निर्धनता मुख्यतः इन देशों की कमजोर ग्रामीण अधिसंरचना के कारण उत्पन्न होती है। इस दृष्टि से सूक्ष्म वित्त योजना निर्धनता निवारण का एक सक्षम विकल्प है। इसके द्वारा स्वयं-सहायता समूहों को व्यावसायिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी बैंकों से संलग्न करने, अर्थात् जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार, इस योजना से निर्धन परिवारों को स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से बैंक आदि संस्थागत स्रोतों से साख अथवा ऋण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।