पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन — जीव विज्ञान कक्षा 12 साइन्स — Question
Rajasthan Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 12 साइन्सजीव विज्ञानपुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन2 Marks
Question
त्रिक् संलयन का महत्त्व बताइये।
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Answer
आवृतबीजी पादपों में द्विनिषेचन की क्रिया होती है। द्विनिषेचन क्रिया में एक नर युग्मक, अण्ड से संयोजित होकर द्विगुणित युग्मनज बनाता है जिससे भ्रूण का निर्माण होता है। दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केन्द्र (जो दो ध्रुवीय केन्द्रकों के संयोजन से बनता है) से संयोजित होकर त्रिगुणित भ्रूणपोष केन्द्रक बनाता है, इसे त्रिक् संलयन कहते हैं। भ्रूणपोष केन्द्रक से भ्रूणपोष का निर्माण होता है। भ्रूणपोष परिवर्द्धित होते हुए भ्रूण को पोषण प्रदान करता है। भ्रूणपोष के अभाव में पूर्ण भ्रूण का निर्माण नहीं हो पाता है।
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