वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्था का समन्वय या एकीकरण किया जाता है। इस प्रक्रिया से वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं, प्रौद्योगिकी, पूँजी के साथ ही मानवीय श्रम का भी निर्बाध प्रवाह होता है। इसको अच्छी तरह स्पष्ट करते हुए अर्थशास्त्री निलनोबीक ने कहा है कि "वैश्वीकरण का अर्थ पूँजी, वस्तु, प्रौद्योगिकी, यहाँ तक कि लोगों के विचार तक का स्वतंत्र प्रवाह होता है।"