Question
विनिमय की कोई पाँच शर्ते लिखिए। 

Answer

विनिमय की पाँच शर्ते अग्रलिखित हैं-
इसमें कम-से-कम दो पक्षों का होना आवश्यक है अर्थात् क्रेता एवं विक्रेता;
प्रत्येक पक्ष दूसरे पक्ष को मूल्य चुकाने की क्षमता रखता हो;
प्रत्येक पक्ष सम्प्रेषण एवं वस्तु अथवा सेवा की आपूर्ति के योग्य होना चाहिए। कोई भी विनिमय संभव नहीं है यदि क्रेता एवं विक्रेता का एक दूसरे से सम्प्रेषण नहीं है या फिर वह दूसरे को कोई ऐसी वस्तु नहीं दे सकते जिसका कोई मूल्य हो।
प्रत्येक पक्ष को दूसरे पक्ष के प्रस्ताव को स्वीकार करने अथवा उसे अस्वीकार करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए;
तथा
विभिन्न पक्ष एक दूसरे से लेन-देन करने के लिए इच्छुक होने चाहिए। इस प्रकार से प्रस्ताव की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति स्वैच्छिक होती है न कि किसी दबाव में।
उपरोक्त बातें विनिमय की आवश्यक शर्ते हैं। विनिमय का होना या न होना दोनों पक्षों के विनिमय क्रिया की उपयुक्तता पर निर्भर करता है फिर भले ही इससे पक्षों को लाभ होता है या फिर कम-से-कम उनको कोई हानि नहीं होनी चाहिए।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

आजकल के वातावरण में नियुक्तिकरण क्रिया का क्या महत्त्व है ?
हेनरी फेयोल के कार्य-विभाजन सिद्धान्त को संक्षेप में समझाइये।
नियन्त्रण की किन्हीं दो तकनीकों पर प्रकाश डालिए।
नेतृत्व के कोई दो महत्त्व बताइये। .
आपके दृष्टिकोण से भारत में आर्थिक पर्यावरण के ऐसे दो तत्त्व जिनका व्यवसाय एवं उद्योग पर प्रभाव पड़ता है, उन्हें बतलायें।
एक प्रबन्धक के रूप में आप एक व्यवसाय में प्रशिक्षण, विकास एवं शिक्षा की आवश्यकता क्यों महसूस करेंगे? समझाइये।
कोई तीन कारण देते हुए समझाइये कि किसी संगठन में अधिकार अन्तरण (Delegation of Authority) क्यों महत्त्वपूर्ण होता है ?
संगठन के महत्त्व के दो बिन्दुओं का वर्णन कीजिये।
आपकी राय में, विपणन एवं विक्रय में क्या अन्तर है? (कोई दो बिन्दु)
"समन्वय सर्वव्यापी कार्य है।" कैसे?