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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न [5M]

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Question 15 Marks
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए-
(i) बेन्जीन का फ्रीडेल क्राफ्ट ऐसिटिलीकरण
(ii) गाटरमान कोख ऐल्डिहाइड संश्लेषण
(iii) गाटरमान ऐल्डिहाइड संश्लेषण।
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Question 25 Marks
नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में कार्बोनिल कार्बन पर नाभिकरागी आक्रमण से बने चतुष्फलकीय मध्यवर्ती को चित्रित कीजिए।
Answer
नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में कार्बोनिल कार्बन पर नाभिक रागी आक्रमण से बने चतुष्फलकीय मध्यवर्ती का चित्रण निम्न प्रकार है-
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Question 35 Marks
कारण समझाइए-
(अ) ऐसीटिक अम्ल, फॉर्मिक अम्ल की तुलना में दुर्बल अम्ल होता है।
(ब) कार्बोक्सिलिक अम्लों का क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमानों वाले ऐल्डिहाइडों से अधिक होता है।
Answer
(अ) ऐसीटिक अम्ल में उपस्थित -CH3 समूह के इलेक्ट्रॉन दाता प्रभाव (+I) के कारण यह इसके आयनन से प्राप्त संयुग्मी क्षारक को अस्थायित्व प्रदान करता है जिससे अम्ल की अम्लता कम हो जाती है, क्योंकि अम्ल का आयनन कम हो जाता है जबकि फॉर्मिक अम्ल में ऐसा सम्भव नहीं है इसलिए इसका आयनन अधिक होता है। इसी कारण ऐसीटिक अम्ल, फॉर्मिक अम्ल की तुलना में दुर्बल अम्ल होता है।
(ब) कार्बोक्सिलिक अम्लों का क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमान वाले ऐल्डिहाइडों से अधिक होता है। इसका कारण कार्बोक्सिलिक अम्लों के अणुओं में परस्पर अधिक व्यापक अंतराआण्विक हाइड्रोजन आबंधन द्वारा होने वाला संगुणन है। ये हाइड्रोजन आबंध वाष्प अवस्था में भी पूर्ण रूप से नहीं टूटते। वास्तव में अधिकांश कार्बोक्सिलिक अम्ल वाष्प प्रावस्था तथा ऐप्रोटिक विलायकों में हाइड्रोजन आबन्धन द्वारा द्वितय बनाते हैं। इस प्रकार का हाइड्रोजन आबन्धन ऐल्डिहाइडों में नहीं होता है।
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Question 45 Marks
बेन्जोइक अम्ल से निम्नलिखित यौगिक किस प्रकार बनाए जाते हैं?
(i) m-नाइट्रोबेन्जोइक अम्ल (ii) m-ब्रोमो बेन्जोड़क अम्ल ।
Answer
(i) बेन्जोइक अम्ल को सान्द्र HNO3 तथा सान्द्र H2SO4 (नाइट्रीकारक मिश्रण) के साथ गरम करने पर m-नाइट्रोबेन्जोइक अम्ल प्राप्त होता है।
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(ii) FeBr3 की उपस्थिति में बेन्जोइक अम्ल की ब्रोमीन के साथ क्रिया करवाने पर m-ब्रोमोबेन्जोइक अम्ल प्राप्त होता है।
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Question 55 Marks
निम्नलिखित परिवर्तनों के लिए आवश्यक समीकरण दीजिए-
(i) ऐसीटोफीनॉन से बेंजोइक अम्ल
(ii) प्रोपिओनिक अम्ल से ऐसीटिक अम्ल ।
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Question 65 Marks
निम्नलिखित कार्बोनिल यौगिकों का अम्लीय KMnO4 या अम्लीय K2Cr2O7 से ऑक्सीकरण करवाने पर प्राप्त उत्पाद बताइए-
(i) $CH _3 CHO$
(ii) $CH _3 COCH _3$
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Question 75 Marks
नाभिकस्नेही संकलन अभिक्रिया के लिए कार्बोनिल यौगिकों की अभिक्रियाशीलता की व्याख्या कीजिए।
Answer
नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया के लिए कार्बोनिल यौगिकों की अभिक्रियाशीलता - इलेक्ट्रॉनिक तथा त्रिविम विन्यासी प्रभावों के कारण नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया के लिए ऐल्डिहाइड की क्रियाशीलता कीटोन से अधिक होती है क्योंकि ऐल्डिहाइडों में कार्बोनिल समूह के कार्बन से केवल एक ऐल्किल समूह जुड़ा होता है जबकि कीटोन में दो ऐल्किल समूह जुड़े होते हैं, जिनकी त्रिविम विन्यासी बाधा के कारण कार्बोनिल कार्बन पर नाभिकस्नेही का आक्रमण मुश्किल हो जाता है तथा इन ऐल्किल समूहों के धनात्मक प्रेरणिक प्रभाव (+I प्रभाव) के कारण ये कार्बोनिल कार्बन के धनावेश को कम कर देते हैं जिसके कारण नाभिकस्नेही के आक्रमण की सम्भावना कम हो जाती है।
ऐल्डिहाइड तथा कीटोन दोनों में ऐल्किल समूहों का आकार बढ़ने पर इनकी क्रियाशीलता कम होती जाती है, क्योंकि +I प्रभाव तथा त्रिविम विन्यासी बाधा बढ़ती है।
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Question 85 Marks
कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया की क्रियाविधि की व्याख्या कीजिए।
Answer
नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया की क्रियाविधि - कार्बोनिल यौगिकों में कार्बोनिल समूह ध्रुवीय होता है Image प्रथम पद में नाभिकस्नेही का आक्रमण धनावेशित (इलेक्ट्रॉन न्यून) कार्बन पर होता है इसी कारण इसे नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया कहते हैं। प्रथम पद में नाभिकस्नेही के आक्रमण की व्याख्या निम्न प्रकार की जा सकती है-
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प्रथम पद में नाभिकस्नेही के आक्रमण से प्राप्त ऐल्कोक्साइड आयन इलेक्ट्रॉनस्नेही के आक्रमण से प्राप्त कार्बोकैटायन की तुलना में अधिक स्थायी होता है, अतः कार्बोनिल समूह पर प्रथम पद में नाभिकस्नेही का आक्रमण होता है। यह पद उत्क्रमणीय होता है।
नाभिकस्नेही, कार्बोनिल समूह के कार्बन पर उस दिशा से आक्रमण करता है जो कार्बोनिल कार्बन के sp2 संकरित कक्षकों के तल के लम्बवत् होती है तथा इस क्रिया में कार्बन की संकरण अवस्था sp2 से sp3 हो जाती है। इसके पश्चात् द्वितीय पद में इलेक्ट्रॉनस्नेही का आक्रमण होकर योगोत्पाद बन जाता है।
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Question 95 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों के अम्लीय गुणों की व्याख्या कीजिए।
Answer
अम्लीय गुण - कार्बोक्सिलिक अम्ल, क्षारों के साथ क्रिया करके लवण बनाते हैं जिससे इनके अम्लीय गुण की पुष्टि होती है। कार्बोक्सिलिक अम्लों के अम्लीय गुण की व्याख्या निम्न प्रकार की जा सकती है-
कार्बोक्सिलिक अम्ल, (RCOOH) जल में आयनित होकर $RCO \overline{ O }$ (कार्बोक्सिलेट आयन) तथा $H _3 \stackrel{+}{ O }$ (हाइड्रोनियम आयन) बनाते हैं। $RCO \overline{ O }$ अनुनाद के कारण स्थायी हो जाता है।
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अम्लों की सामर्थ्य को सामान्यतः Ka मान की अपेक्षा pKa के मान से दर्शाते हैं
$pK _{ a }=-\log K _{ a }$
किसी अम्ल का PKa मान जितना कम होता है वह उतना ही a प्रबल अम्ल होता है।
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Question 105 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों के अम्ल सामर्थ्य पर विभिन्न प्रतिस्थापियों के प्रभाव की विवेचना कीजिए।
Answer
कार्बोक्सिलिक अम्लों के अम्ल सामर्थ्य पर प्रतिस्थापियों का प्रभाव - कार्बोक्सिलिक अम्लों के आयनन से प्राप्त कार्बोक्सिलेट आयन जितना अधिक स्थायी होता है साम्य उतना ही अग्र दिशा में विस्थापित होता है जिससे हाइड्रोजन आयन $( H ^{+})$ अधिक बनते हैं अतः अम्लीय प्रबलता में वृद्धि होती है।
कार्बोक्सिलिक अम्ल में उपस्थित प्रतिस्थापी कार्बोक्सिलेट आयन (संयुग्मी क्षारक) के स्थायित्व को प्रभावित करते हैं अतः इनसे इनके अम्लीय सामर्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है।
इलेक्ट्रॉन आकर्षित करने वाले समूह (-I प्रभाव या EWG) कार्बोक्सिलेट आयन के स्थायित्व को बढ़ाते हैं क्योंकि ये साझित इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं जिससे ऋणावेशित ऑक्सीजन परमाणु का इलेक्ट्रॉन घनत्व कम हो जाता है अर्थात् ऋणावेश का विस्थानीकरण हो जाता है। अतः अम्ल की अम्लीय प्रबलता बढ़ जाती है।
विभिन्न समूहों के -I प्रभाव का बढ़ता क्रम निम्न प्रकार होता है-
$\begin{array}{l} C _6 H _5-< OCH _3< OH < I < Br < Cl < F < CN < NO _2< CF _3 \text {}\end{array}$ (-I प्रभाव)
इसके विपरीत इलेक्ट्रॉन दाता समूह (+I प्रभाव या EDG) के कारण कार्बोक्सिलेट आयन का स्थायित्व कम हो जाता है क्योंकि यह ऑक्सीजन परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ा देता है, जिससे इसकी क्रियाशीलता बढ़ जाती है अतः अम्ल की अम्लीय प्रबलता कम हो जाती है।
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Question 115 Marks
ऐसीटोन की HCN तथा NaHSO3 के साथ अभिक्रियाएँ बताइए।
Answer
(i) ऐसीटोन की HCN के साथ क्रिया से ऐसीटोन सायनोहाइड्रिन प्राप्त होता है। शुद्ध HCN के साथ यह अभिक्रिया धीमी गति से होती है; अतः यह अभिक्रिया क्षार की उपस्थिति में करवायी जाती है।
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(ii) ऐसीटोन की NaHSO3 के साथ क्रिया से ऐसीटोन सोडियमहाइड्रोजनसल्फाइट (योगोत्पाद) बनता है।
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Question 125 Marks
एस्टरीकरण अभिक्रिया की क्रियाविधि को समझाइए।
Answer
एस्टरीकरण की क्रियाविधि - कार्बोक्सिलिक अम्लों से एस्टर बनने की अभिक्रिया की व्याख्या निम्नलिखित क्रियाविधि की सहायता से की जा सकती है। समस्थानिक ऑक्सीजन $\binom{18}{O}$ युक्त यौगिकों के प्रयोग से यह सिद्ध हो गया है कि इस अभिक्रिया में बने जल में -OH समूह अम्ल से आता है न कि ऐल्कोहॉल से।
कार्बोक्सिलिक अम्लों की ऐल्कोहॉलों के साथ क्रिया द्वारा एस्टरों का बनना एक नाभिकस्नेही ऐसिल प्रतिस्थापन अभिक्रिया है। इसमें पहले कार्बोक्सिलिक अम्ल में उपस्थित कार्बोनिल समूह की ऑक्सीजन का प्रोटोनीकरण (Protonation) होता है, जिससे कार्बोनिल समूह, ऐल्कोहॉल के नाभिकस्नेही योग के लिए सक्रिय हो जाता है। इसके पश्चात् ऐल्कोहॉल के योग से बने मध्यवर्ती में प्रोटॉन का स्थानान्तरण - OH समूह को $-\stackrel{+}{ O } H _2$ में परिवर्तित कर देता है जो कि एक आसानी से निकलने वाला समूह होने के कारण, जल के अणु के रूप में निकल जाता है तथा इस प्रकार बना प्रोटॉनित एस्टर प्रोटॉन को त्यागकर एस्टर बना देता है।
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Question 135 Marks
एथेनैल की निम्नलिखित के साथ अभिक्रियाओं को समझाइए-
(i) C2H5NH2 (ii) फेनिल हाइड्रेजीन (iii) सेमीकार्बेजाइड।
Answer
(i) एथेनैल की C₂H₃NH, के साथ क्रिया कराने पर एक शिफ क्षारक बनता है।
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Question 145 Marks
अणु सूत्र C6H12 युक्त एक ऐल्कीन के ओजोनी अपघटन से दो भिन्न-भिन्न यौगिक प्राप्त होते हैं जिनमें से एक यौगिक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है लेकिन टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित नहीं करता जबकि दूसरा यौगिक टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है लेकिन आयोडोफॉर्म परीक्षण नहीं देता तो इस ऐल्कीन तथा उत्पादों के नाम एवं सूत्र बताइए।
Answer
ऐल्कीन के ओजोनी अपघटन से प्राप्त एक यौगिक टॉलेन अभिकर्मक से क्रिया नहीं करता अतः यह कीटोन होना चाहिए लेकिन आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है अतः यह मेथिल कीटोन होगा जबकि दूसरा यौगिक टॉलेन अभिकर्मक से क्रिया करता है अतः यह एक ऐल्डिहाइड होगा चूंकि एल्कीन में छः कार्बन हैं। अतः एक यौगिक ऐसीटोन तथा दूसरा यौगिक प्रोपिऑन ऐल्डिहाइड होगा जो कि निम्नलिखित अभिक्रिया से भी स्पष्ट है-
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ऐसीटोन (मेथिल कीटोन) आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है लेकिन प्रोपिऑन ऐल्डिहाइड नहीं।
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Question 155 Marks
अणुसूत्र C4H8O वाला यौगिक हाइड्रेजीन के साथ क्रिया करके हाइड्रेजोन बनाता है तथा यह आयोडीन व NaOH के साथ क्रिया करके आयोडोफॉर्म बनाता है लेकिन इसकी फेलिंग विलयन से कोई क्रिया नहीं होती तो इस यौगिक की संरचना तथा आवश्यक समीकरण बताइए।
Answer
यौगिक हाइड्रेजीन से क्रिया करता है अतः यह एक कार्बोनिल यौगिक है लेकिन इसकी फेलिंग विलयन के साथ कोई क्रिया नहीं होती अतः यह कीटोन होगा तथा यह आयोडोफॉर्म बनाता है इसलिए यह ब्यूटेनोन (CH3COCH2-CH3) मेथिल कीटोन है जो कि अणुसूत्र से भी सिद्ध हो जाता है।
उपरोक्त अभिक्रियाएँ निम्न प्रकार होती हैं-
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$\begin{array}{r} CH _3 COCH _2 CH _3+3 I _2+4 NaOH \longrightarrow CHI _3+ CH _3 CH _2 COONa +3 H _2 O +3 NaI \end{array}$
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Question 165 Marks
(i) निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए-
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(ii) ऐसीटोफीनॉन की हाइड्रॉक्सिल ऐमीन के साथ क्रिया से बने दो समावयवियों की संरचना लिखिए।
Answer

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(ii) ऐसीटोफीनॉन की हाइड्रॉक्सिलऐमीन के साथ क्रिया से इसका ऑक्सिम बनता है जो कि दो ज्यामितीय समावयवी रूपों में पाया जाता है।
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Question 175 Marks
एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों से एरोमैटिक ऐल्डिहाइड (बेन्जैल्डिहाइड) बनाने की विभिन्न विधियाँ बताइए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 185 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों के अम्लीय गुण की व्याख्या कीजिए तथा इनकी अम्लता पर प्रतिस्थापियों के प्रभाव की विवेचना कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 195 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों में -COOH समूह की अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 205 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों को निम्नलिखित यौगिकों से किस प्रकार बनाया जाता है? उदाहरण सहित बताइए-
(a) प्राथमिक ऐल्कोहॉल    (b) ऐसिल हैलाइड
(c) ऐसिड ऐन्हाइड्राइड    (d) ग्रीन्यार अभिकर्मक
(e) ऐल्किल बेन्जीन।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 215 Marks
कार्बोनिल यौगिकों की ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 225 Marks
कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाओं के विभिन्न उदाहरण दीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 235 Marks
कार्बोनिल यौगिकों (ऐल्डिहाइड तथा कीटोन) की नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि तथा अभिक्रियाशीलता का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 245 Marks
कार्बोक्सिलिक अम्लों की उन अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए जिनमें Image बन्ध का विखण्डन होता है।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 255 Marks
कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकस्नेही योगात्मक-विलोपन अभिक्रियाओं का वर्णन निम्न यौगिकों के साथ क्रिया के संदर्भ में कीजिए।
(i) ऐल्कोहॉल तथा थायोऐल्कोहॉल
(ii) अमोनिया तथा इसके व्युत्पन्न ।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 265 Marks
ऐल्डोल संघनन का विस्तृत विवेचन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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