Questions

अति लघु उत्तरीय प्रश्न(2 गुण)

Take a timed test

6 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 12 Marks
ब्रह्मपुत्र नदी तन्त्र पर टिप्पणी लिखिए।
Answer
ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत की मानसरोवर झील के पूर्व तथा सिन्धु एवं सतलुज के स्रोतों के नजदीक से निकलती है। इसका अधिकतर मार्ग भारत के बाहर स्थित है। यह भारत के अरुणाचल प्रदेश में गार्ज के माध्यम से प्रवेश करती है जहाँ इसे दिहांग कहा जाता है तथा दिबांग, लोहित, केनुला एवं दूसरी सहायक नदियाँ इसमें मिलकर असम में ब्रह्मपुत्र का निर्माण करती हैं।
View full question & answer
Question 22 Marks
भारत में गंगा नदी तन्त्र पर टिप्पणी लिखिए।
Answer
गंगा नदी की मुख्य धारा 'भागीरथी' गंगोत्री हिमानी से निकलती है तथा उत्तराखण्ड के देवप्रयाग में इससे अलकनंदा आकर मिलती है । इसकी कई सहायक नदियाँ हैं जैसे-यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी आदि। यह नदी पश्चिमी बंगाल के फरक्का तक बहती है। गंगा नदी की लम्बाई 2500 किमी. से भी अधिक है। गंगा उत्तरी भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण नदी है तथा यह काफी विस्तृत उपजाऊ मैदान का निर्माण करती है।
View full question & answer
Question 32 Marks
भारत में नदियों के प्रदूषण के कोई तीन कारण स्पष्ट कीजिये।
Answer
नदी किनारे स्थित कारखानों द्वारा अपना कूड़ा-कचरा नदियों में बहा दिया जाता है, इससे नदी प्रदूषण होता है।
शहरी क्षेत्रों का गन्दा पानी भी नदियों में बहाया जाता है, इससे भी नदी प्रदूषण होता है।
उर्वरकों तथा कीटनाशकों से मिश्रित जल भी नदियों को प्रदूषित करता है। इसके अतिरिक्त भारत में नदियों में शव बहाने की परम्परा भी नदी प्रदूषण को बढ़ाती है।
View full question & answer
Question 42 Marks
प्रायद्वीपीय क्षेत्र की नदियाँ मौसमी क्यों होती हैं?
Answer
प्रायद्वीपीय क्षेत्र की नदियाँ मौसमी होने के निम्न कारण हैं-
इसका मुख्य कारण है कि ये हिमानियों अथवा बर्फ से ढके पर्वतों से नहीं निकलती हैं। इनमें जल की मात्रा वर्षा पर निर्भर करती है।
ये असमान शैलों वाली सतह पर बहती हैं। इनकी ढाल का अनुपात तीखा होता है।
इस क्षेत्र में नदियों पर अनेक बाँधों का निर्माण किया गया है।
View full question & answer
Question 52 Marks
भारतीय अपवाह तंत्र के कोई चार लक्षण बताइये।
Answer
भारतीय अपवाह तंत्र के चार प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-
भारत के अपवाह तंत्र का नियंत्रण मुख्यतः भौगोलिक आकृतियों द्वारा होता है।
भारत की नदियों को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया जा सकता है-(i) हिमालय की नदियाँ और (ii) प्रायद्वीपीय नदियाँ। भारत में बारहमासी और मौसमी दोनों प्रकार की नदियाँ पायी जाती हैं।
ये नदियाँ अपने अपवाह मार्ग में अनेक प्रकार की स्थलाकृति बनाती हैं।
View full question & answer
Question 62 Marks
उन दो प्रमुख भागों के नाम बताइये जिनमें भारत के नदी तंत्रों को विभाजित किया गया है। इन भागों के दो-दो प्रमुख लक्षणों को भी बताइये।
Answer
भारत के नदी तंत्रों को निम्न दो भागों में विभाजित किया गया है-
हिमालय की नदियाँ
प्रायद्वीपीय नदियाँ।
हिमालय की नदियों के दो लक्षण-
इस भाग की अधिकतर नदियाँ बारहमासी होती हैं। इनमें वर्ष भर जल बना रहता है।
हिमालय की नदियाँ प्रायः लम्बी तथा गहरी होती हैं। प्रायद्वीपीय नदियों के दो लक्षण-
इस भाग की अधिकतर नदियाँ मौसमी होती हैं। इनका प्रवाह वर्षा पर निर्भर करता है।
प्रायद्वीपीय नदियाँ अपेक्षाकृत कम लम्बी तथा छिछली होती हैं।
View full question & answer