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Model Paper 1 question types

44 questions across 15 question groups — pick any mix to generate a Hindi - A paper with step-by-step answer keys.

44
Questions
15
Question groups
5
Question types
Sample Questions

Model Paper 1 questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

यह विडंबना। अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ में।
भूलें अपनी या प्रवंचना ओरों की दिखलाऊँ में।
उज्वल गाथा केसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की।
अरे खिल-खिला कर हँसते होने वाली उन बातों की।

(i) कवि के जीवन की विडंबना क्या है?
(क) जीवन का सरल होना
(ख) मित्रो द्वारा आत्मकथा लिखने को कहना
(ग) मित्रों द्वारा धोखा दिया जाना
(घ) जीवन का दुखी होना

(ii) कवि को किस कारण धोखे मिले?
(क) अपने सरल स्वभाव के कारण
(ख) अपने कठिन स्वभाव के कारण
(ग) मित्रों के भोलेपन के कारण
(घ) मित्रों के सरल स्वभाव के कारण

(iii) कवि ने अपनी प्रेयसी के साथ बिताए हुए पलों को किसके समान बताया है?
(क) प्रवंचना के
(ख) उज्जवल गाथा के
(ग) खिलखिलाकर हंसने के
(घ) विडंबना के

(iv) कवि के जीवन जीने का एकमात्र सहारा क्या है?
(क) प्रेयसी के साथ बिताए हुए मधुर
(ख) मित्रों से मिला हुआ धोखा पल
(ग) आत्मकथा लिखना
(घ) मित्रों के साथ बिताए हुए मधुर पल

(v) पद्यांश के कवि हैं-
(क) महादेवी वर्मा
(ख) सूरदास
(ग) तुलसीदास
(घ) जयशंकर प्रसाद
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नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंततः सूघकँ ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा ? उनका ऐसा करना उनके केसे स्वभाव को इंगित करता है?
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एक कहानी यह भी से लिया गया निहायत असहाय मज़बूरी में लिपटा उनका यह त्याग कभी मेरा आदर्श नहीं बन सका। - यह कथन किसके लिए कहा गया है और क्यों?
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चीन के महान दार्शनिक संत ताओ बू बीन के पास चुगसिन नामक एक व्यक्ति पहुँचा, उसने उनसे धर्म की शिक्षा देने की प्रार्थना की, संत ताओ बू ने उस व्यक्ति को कुछ समय तक अपने पास रखा और उसे दीन-दुखियों की सेवा में लगा दिया, कुछ समय बाद चुगसिन ने संतजी से निवेदन किया, "महाराज इतने दिन हो गए, आपने मुझे धर्म की शिक्षा नहीं दी, संत ने कहा, "तेरा तो जीवन ही धर्ममय हो गया है, फिर में धर्म के विषय में तुझे क्या बताता? तू अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता है, तुझसे बड़ा धार्मिक कौन होगा?" चुगसिन समझ गया, आप भी समझ गए होंगे कि कर्तव्य का पालन ही जीवन में सर्वोपरि है, चाहें तो हम उसे मानव का परम धर्म कह सकते हैं।
हमारे युवा पाठकों में प्रायः प्रत्येक किसी-न-किसी परीक्षा के लिए तैयारी का संकल्प करते है। क्या आप में प्रत्येक को विश्वास है कि वह पूरी निष्ठा के साथ परीक्षा या प्रतियोगिता के संदर्भ में अपने कर्तव्य का पालन कर रहा रही है? परीक्षा की तैयारी के अतिरिक्त आपके लिए अन्य कोई कार्यक्रम महत्त्व नहीं रखता है, कुछ ऐसे छात्र-छात्राएं देखने में आते हैं जो घर से पढ़ने के लिए कॉलेज आते हैं परन्तु वे कक्षाओं में न जाकर मटरगश्ती करते हैं, अथवा कैण्टीन में बैठकर दोस्तों के साथ बातें करते हैं। तब क्या वे अपने कर्तव्य की अवहेलना, एवं माता-पिता के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं? हम चाहते हैं कि हमारे युवा पाठक शांत चित्त से विचार करके देखें कि वे उक्त श्रेणी के अनुत्तरदायी वर्ग के अन्तर्गत तो नहीं आते हैं, परीक्षा एवं प्रतियोगिता में असफल होने के मूल में प्रायः हमारे युवावर्ग द्वारा पूरी तरह से अपने कर्तव्य का पालन न करना होता है, वे यदि अपने कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा के साथ करें, तो हम पूरी दृढ़ता के साथ कह सकते हैं कि उनकी सफलता की संभावनाएँ कई गुना बढ़ जाएँगी।
कर्तव्य-पालन के संदर्भ में यह नहीं सोचना चाहिए कि यदि सफलता नहीं मिलती है, तो क्या होगा? कर्तव्य-पालन को लक्ष्य करके हमारे मन-मस्तिष्क में एक ही विचार रहना चाहिए कि मैं इसका सम्यक निर्वाह एवं पालन किस प्रकार कर सकता हूँ?

1. ताओ ने चुगासिन को सबसे बड़ा धार्मिक क्यों कहा?
(क) क्योंकि चुगसिन पहले से ही धार्मिक था।
(ख) क्योंकि चुगसिन कर्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता था।
(ग) क्योंकि चुगसिन आश्रम का सारा काम करता था।
(घ) क्योंकि चुगसिन ताओ की सेवा करता था।

2. कर्तव्य पालन पूरी निष्ठा के साथ करने से सफलता अवश्य प्राप्त होती है, केसे?
(क) क्योंकि मन मस्तिष्क में एक ही ध्येय रहता है।
(ख) क्योंकि हम अधिक प्रयास करते हैं।
(ग) क्योंकि मन में हार का भय रहता है।
(घ) क्योंकि मन हमें शक्ति देता रहता है।

3. मानव का परम धर्म किसे कहा गया है?
(क) दीन-दुखियों की सेवा करना
(ख) गुरु की सेवा करना
(ग) माता पिता का आदर करना
(घ) निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्य का पालन करना

4. कर्तव्य के प्रति निष्ठा व्यक्ति के चरित्र को निरुत्तर कर देती है। उदाहरण द्वारा उत्तर की पुष्टि कीजिए।

5. क्यों कहा गया हे कि कुछ विद्यार्थी माता-पिता के साथ छल करते हैं?
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तिनका तिनका लाकर चिड़िया
रचती है आवास नया।
इसी तरह से रच जाता है
सर्जन का आकाश नया।
मानव ओर दानव में यू तों
भेद नजर नहीं आएगा।
एक पोंछता बहते आँसू
जी भर एक रुलाएगा।
रचने से ही आ पाता है
जीवन में विश्वास नया।
कुछ तो इस धरती पर केवल
खून बहाने आते हैं।
आग बिछाते हैं राहों में
फिर खुद भी जल जाते हैं।
जो होते खुद मिटने वाले
वे रचते हैं इतिहास नया।
मंत्र नाश को पढ़ा करें कुछ
द्वार-द्वार पर जा करके।
फूल खिलाने वाले रहते।
घर -घर फूल खिला करके।

i. नव निर्माण कब सम्भव होता है?
(क) खुद जलकर
(ख) तिनका-तिनका जोड़कर
(ग) राहों में आग बिछा कर
(घ) खून बहाकर

ii. नया इतिहास कोन बनाते हैं?
(क) दूसरों के लिए जीने वाले
(ख) फूल खिलाने वाले माली
(ग) आग लगाने वाले
(घ) घर घर जाने वाले

iii. 'घर-घर फूल खिलाने का क्या आशय है?
(क) माली का काम करना
(ख) घर में बगीचे लगाना
(ग) सर्वत्र सुख-शन्ति कायम करना
(घ) घर घर पोंधे बाँटना

iv. मानव ओर दानव के बारे में कवि के क्या विचार हैं?

v. दूसरों के लिए आग बिछाने वालों की क्या दशा होती है?
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ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे। नहीं, बिलकुल गृहस्था उनकी गृहिणी की तो मुझे याद नहीं, उनके बेटे ओर पतोहू को तो मेंने देखा था। थोड़ी खेतीबारी भी थी, एक अच्छा साफ़-सुथरा मकान भी था। किंतु, खेतीबारी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे- साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरनेवाले। कबीर को साहब मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते। किसी की चीज़ नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते। इस नियम को कभी-कभी इतनी बारीकी तक ले आते कि लोगों को कुतूहल होता। कभी वह दूसरे के खेत में शोच के लिए भी नहीं बेठते। वह गृहस्थ थे; लेकिन उनकी सब चीज़ साहब की थी। जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते- जो उनके घर से चार कोस दूर पर था-एक कबीरपंधी मठ से मतलब! वह दरबार में 'भेंट रूप रख लिया जाकर प्रसाद रूप में जो उन्हें मिलता, उसे घर लाते ओर उसी से गुज़र चलाते!

(i) बालगोबिन भगत किसका आदेश मानते थे?
i. गाँववालों का
ii. पतोहू का
iii. मठ का
iv. कबीर का
(क) विकल्प (i)
(ख) विकल्प (ii)
(ग) विकल्प (iv)
(घ) विकल्प (iii)

(ii) निम्न में बालगोबिन भगत की विशेषता है-
(क) सभी विकल्प सही हैं
(ख) खरा व्यवहार रखते
(ग) किसी से दो टूक बात करते
(घ) झूठ नहीं बोलते

(iii) बालगोबिन भगत अपने खेत का उपज देते थे-
(क) गाँव में बाँट देते थे
(ख) कबीरपंधी मठ को
(ग) अपनी बहू को
(घ) अपने बेटे को

(iv) बालगोबिन भगत साहब मानते थे-
(क) संत कबीर को
(ख) लेखक को
(ग) अपने बेटे को
(घ) अपनी बहू को

(v) बालगोबिन भगत थे-
(क) गृहस्थ
(ख) उपरोक्त सभी
(ग) कबीर के उपासक
(घ) किसान
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लोकतंत्र और चुनाव विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
- लोकतंत्र से तात्पर्य
- चुनाव का महत्त्व
- सही प्रतिनिधि के चुनाव से लोकतंत्र की रक्षा
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स्वच्छता आंदोलन विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
- क्यों
- बदलाव
- हमारा उत्तरदायित्व
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सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा. लिमिटेड जालंधर पंजाब को मार्केटिंग एक्जक्यूटिव पद के लिए स्ववृत सहित आवेदन-पत्र लिखिए।
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पिछली कक्षा में आपने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके लिए आपको विद्यालय के वार्षिकोत्सव में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाना है। इस अवसर पर आपकी माता जी उपस्थित रहें। माता जी को बुलाने के लिए पत्र लिखिए।
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आप सायरा/आसिफ हैं। यातायात-जाम से छुटकारा पाने के सुझाव देते हुए किसी देनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
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आप कोल्हापुर, महाराष्ट्र के निवासी मिलिंद/भुवी हैं। आपके एक परिचित ने आपको दिल्ली से एक पार्सल भेजा जो 25 दिनों बाद भी नहीं मिला। आप कूरियर कंपनी को ईमेल लिखकर शिकायत करते हुए उचित कार्यवाही करने की चेतावनी दीजिए।
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