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गध्य पाठ प्रश्नो (2M)

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Question 12 Marks
वास्तविक अर्थों में संस्कृत व्यक्ति किसे कहा जा सकता हे?
Answer
ऐसा व्यक्ति जो अपनी योग्यता और बुद्धि के आधार पर नए तथ्य की खोज करता है, नए सिद्धांत स्थापित करता हे, उसके वावजूद भी वह स्वभाव से साधारण एवं विनम्र रहता है संस्कृत व्यक्ति कहलाता है।
उदाहरण के तोर पर देखें तो महानतम वेज्ञानिक न्यूटन ने अपने बुद्धि का उपयोग कर भोतिकी के सबसे मूल नियम जिसे गुरुत्वाकर्षण का नियम कहते हैं को भोतिकी में प्रतिस्थापित किया। इसी कारण उन्हें संस्कृत व्यक्ति कहना उचित होगा। ऐसे व्यक्ति संस्कृत व्यक्ति ऐसे व्यक्ति होते हैं जिनमें विशिष्ट गुण होते हैं, जो बहुत प्रतिभाशाली होते हैं, विनम्र होते हों, साधारण होते हैं, दुनिया एवं समाज को एक बेहतर नजरिये से वे देख पाते हैं एवं उसे समझने की कोशिश करते हैं। ऐसे व्यक्ति संस्कृत व्यक्ति कहलाते हैं।
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Question 22 Marks
नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंततः सूघकँ ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा ? उनका ऐसा करना उनके केसे स्वभाव को इंगित करता है?
Answer
नवाब साहब द्वारा दिए गए खीरा खाने के प्रस्ताव को लेखक ने अस्वीकृत कर दिया। खीरा खाने की इच्छा तथा सामने वाले यात्री के सामने अपनी झूठी साख बनाए रखने की उतझन में नवाब साहब ने खीरा खाने की सोची परन्तु उसे तुच्छ दिखाने के इरादे से नवाब साहब ने खीरा यत्रपूर्वक काटा और सूघ " कर ही उसका स्वाद लेते हुए उसकी एक-एक फाँक को खिड़की से बाहर फेंक दिया ।नवाब के इस कार्य से ऐसा प्रतीत होता है कि वे प्रदर्शनवादी प्रवृत्ति के थे और नजाकत, नफासत दिखाने के लिए कुछ भी कर सकते थे.
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Question 32 Marks
एक कहानी यह भी से लिया गया निहायत असहाय मज़बूरी में लिपटा उनका यह त्याग कभी मेरा आदर्श नहीं बन सका। - यह कथन किसके लिए कहा गया है और क्यों?
Answer
एक कहानी यह भी से लिया गया यह कथन माँ के बारे में कहा गया है। इस कथन का तात्पर्य है कि माँ की अपनी कोई व्यक्तिगत पहचान या व्यक्तित्व नहीं था; वह पिता की हर आज़ा ओर बच्चों की हर जिदद को अपना फर्ज मानकर स्वीकार करती थीं। उनकी असीमित सहिष्णुता ओर त्याग की प्रवृत्ति, साथ ही अधिकारों के प्रति जागरूकता का अभाव, उन्हें आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने में विफल रहा।
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Question 42 Marks
कस्बे से गुज़रते हुए हालदार साहब सदा चौराहे पर क्यों रुकते थे? दो कारण लिखिए।
Answer
(i) हालदार साहब चोराहे पर दो मुख्य कारणों से रुकते थे:
i. स्थानीय गतिविधियों की निगरानी: चोराहा कस्बे का केंद्र होने के कारण, यहाँ हर प्रकार की गतिविधियाँ होती थीं। हालदार साहब वहाँ रुककर लोगों के हालचाल और कस्बे की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
ii. सामाजिक मेल-जोल: चोराहे पर रुकने से उन्हें स्थानीय लोगों से मिलना-जुलना और बातचीत करने का अवसर मिलता था। यह उनके लिए सामाजिक संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम था, जिससे वे अपने समुदाय से जुड़े रहते थे।
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गध्य पाठ प्रश्नो (2M) - Hindi - A STD 10 Questions - Vidyadip