Question types

MODEL PAPER 1 question types

46 questions across 16 question groups — pick any mix to generate a Hindi - B paper with step-by-step answer keys.

46
Questions
16
Question groups
5
Question types
01

पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।(5M) ( स्पर्श भाग 2 - काव्य – खंड )

1 Q
02

पध्य पाठ प्रश्नो (2M) ( स्पर्श भाग 2 - काव्य – खंड )

4 Q
03

गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।(5M) ( स्पर्श भाग 2 - गद्य – खंड )

1 Q
04

गध्य पाठ प्रश्नो (2M) ( स्पर्श भाग 2 - गद्य – खंड )

4 Q
05

'पदबंध पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ)(1M)

5 Q
06

निर्देशानुसार रचना के आधार पर वाक्य भेद (MCQ)(1M)

5 Q
07

समास पर आधारित प्रश्नों के उत्तर (MCQ)(1M)

5 Q
08

मुहावरे पर आधारित प्रश्नों के उत्तर (MCQ)(1M)

5 Q
09

संकेत-बिंदुओं के आधार पर शब्दों में अनुच्छेद (5M))

3 Q
10

पत्र लेखन(5M)

2 Q
11

सूचना (4M)

2 Q
12

विज्ञापन (3M)

2 Q
13

ई- मेल (5M)

1 Q
14

लघुकथा (5M)

1 Q
15

गध्यांश पर आधारित (7M)

2 Q
16

पूरक पाठ्यपुस्तक प्रश्नो (3M)

3 Q
Sample Questions

MODEL PAPER 1 questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंध के सतर्क पंध हों सभी।
तभी समर्थ भाव हे कि तारता हुआ तरे,
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।।

(i) अभीष्ट-मार्ग से क्या तात्पर्य है?
(क) परंपरागत मार्ग
(ख) दूसरों द्वारा बताया गया मार्ग
(ग) योग्यता के अनुसार मार्ग
(घ) इचित मार्ग

(ii) विघ्न-बाधाएँ आने पर क्या करना चाहिए?
(क) डर जाना चाहिए
(ख) डटकर मुकाबला करना चाहिए
(ग) पीछे हंट जाना चाहिए
(घ) सहर्ष मार्ग बदल लेना चाहिए

(iii) समर्थ भाव क्या है?
(क) दूसरों की निंदा कर स्वयं की प्रशंसा करना
(ख) दूसरों को हराकर जीत प्राप्त करना
(ग) दूसरों को सफलता दिलाकर स्वयं सफलता प्राप्त करना
(घ) दूसरों को धमकाकर समथ बनना

(iv) कवि परस्पर मेल-जोल बढ़ाने का परामर्श क्यों दे रहा है?
(क) एक ही स्थान पर रहने के लिए
(ख) प्रेम से रहने के लिए
(ग) सभी विकल्प सही हैं
(घ) भेद-भाव न बढ़ने देने के लिए

(v) 'तारता हुआ तरे - पंक्ति का क्या आशय है ?
(क) स्वयं तेरते हुए दूसरे को तेराना
(ख) दूसरों की उन्नति में सहायक होते हुए अपनी उन्नति करना
(ग) विपत्ति में घबराना
(घ) दूसरों की अवनति करते हुए स्वयं की उन्नति करना
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अब भाई साहब बहुत कुछ नरम पड़ गए थे। कई बार मुझे डाँटने का अवसर पाकर भी उन्होंने धीरज से काम लिया। शायद वह खुद समझने लगे थे कि मुझे डाँटने का अधिकार उन्हें नहीं रहा, या रहा भी, तो बहुत कम। मेरी स्वच्छंदता भी बढ़ी। में उनकी सहिष्णुता का अनुचित लाभ उठाने लगा। मुझे कुछ ऐसी धारणा हुई कि में पास ही हो जाऊँगा, पढूँ या न पदूँ, मेरी तकदीर बलवान हे, इसलिए भाई साहब के डर से जो थोड़ा-बहुत पढ़ लिया करता था, वह भी बंद हुआ। मुझे कनकोए उड़ाने का नया शोक पैदा हो गया था ओर सारा समय पतंगबाजी की ही भेंट होता था, फिर भी में भाई साहब का अदब करता था ओर उनकी नज़र बचाकर कनकोए उड़ाता था। माँझा देना, कनने बाँधना, पतंग टूर्नामेंट की तैयारियाँ आदि समस्याएँ सब गुप्त रूप से हल की जाती थीं। में भाई साहब को यह संदेह न करने देना चाहता था कि उनका सम्मान और लिहाज मेरी नज़रों में कम हो गया है।

(i) अब मुझे डाँटने का अधिकार उन्हें नहीं रहा इस पंक्ति में किसे डाँटने का अधिकार नहीं रहा?
(क) छोटे भाई को
(ख) दादा को
(ग) अध्यापक को
(घ) बड़े भाई साहब को

(ii) बड़े भाई साहब के व्यवहार में लेखक को नरमी दिखाई देने का क्या कारण था?
(क) उनका अच्छे अंकों से उत्तीर्ण
(ख) उनका परीक्षा में फेल होना होना
(ग) छोटे भाई द्वारा उनसे बात करना
(घ) उन्हें लगना कि वे जरूरत से बंद कर देना ज्यादा डाँटते हैं

(iii) लेखक अपना सारा समय किस कार्य में व्यतीत करने लगा?
(क) बड़े भाई की डाँट खाने में
(ख) क्रिकेट खेलने में
(ग) पतंगबाजी करने का
(घ) पढ़ने में

(iv) बड़े भाई के डर से लेखक कोन-सा कार्य करने लगा था?
(क) ओर अधिक खेलता था
(ख) नवीन योजना बनाता था
(ग) थोड़ा बहुत पद़ता था
(घ) मित्रों से नहीं मिलता था

(v) लेखक बड़े भाई साहब को किस बात का संदेह नहीं होने देना चाहता है?
(क) उनकी शिकायत दादा से कर
(ख) अनुभव के कारण उनकी बात दी को जानने का
(ग) उनकी पढ़ाई की पुस्तकें उसने
(घ) उनका सम्मान लेखक की नज़रों फाड़ दी हैं में कम हो गया है
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इंटरनेट : सूचनाओं की खान विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
- तकनीक का अद्भुत वरदान
- इंटरनेट क्रांति
- सूचना स्रोत
- प्रयोग के लिए सजगता
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पार्क में खेलते बच्चे विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
संकेत बिंदु -
- पार्क की शोभा,
- बच्चों द्वारा खेले जाने वाले खेलों का प्रारूप,
- बच्चों का उत्साह,
- उमंग और प्रसत्नता,
- उपस्थित लोगों की प्रतिक्रिया
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आजादी का अमृत महोत्सव विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
- अमृत महोत्सव के पीछे धारणा
- सरकारी - गेर-सरकारी स्तर पर विभिन्न गतिविधियाँ
- इससे लाभ
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आप साक्षी/अजय हैं। आपके मोहल्ले के कूड़ेदान में गंदगी का ढेर लगा है ओर कई-कई दिन तक कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इस संबंध में नगर-निगम अधिकारी को लगभग 100 शब्दों में एक शिकायती पत्र लिखिए।
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शिक्षा निदेशालय दिल्ली को प्रशिक्षित स्रातक अध्यापकों की आवश्यकता है। इस पद हेतु आवेदन-पत्र लिखिए।
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विद्यालय के सुचनापट्ट पर खेल अधीक्षक द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट की जानकारी हेतु 20-25 शब्दों में एक सूचना लिखिए।
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विद्यालय में आयोजित होने वाली सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के लिए सांस्कृतिक सचिव की ओर से 40 - 50 शब्दों में सुचना तेयार कीजिए।
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नाखूनों की सुदरंता बढ़ाने के लिए नेलपॉलिश का विज्ञापन लगभग 25-50 शब्दों में बनाइए।
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आपके नगर में मिठाई की एक नई दुकान खुती है। इसके प्रचार के लिए एक विज्ञापन लगभग 25-50 शब्दों में तेयार कीजिए।
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आप राजन/रजनी हैं। अपने बैंक खाते में नेट बेंकिंग की सुविधा प्राप्त करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधक को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
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जिस मनुष्य ने अपने भावों को व्यापक बना लिया हो, जिसने विश्व की आत्मा से समन्वय स्थापित कर लिया हो, वही महान साहित्यकार हो सकता है। जिसकी आत्मा विशाल हो जाती हे वह हँसने वालों के साथ हँसता है, रुदन करने वालों के साथ रुदन करता है; ऐसा साहित्य एक देश का होने पर भी सार्वभोम होता है। रामायण और महाभारत देशकाल से बँधे हुए नहीं, इसलिए वे अमर-काव्य हैं। मनुष्य जीवन संघर्ष में अपना देवत्व खो देता है, साहित्य उसे पुन: देवत्व प्रदान करता है। साहित्य उपदेशों से नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं को प्रेरित करके हममें ऊँची भावनाएँ जगाता हे। साहित्य आदर्शों को स्थापित करके मनुष्य के जीवन का उन्नयन करता है। उसमें नेतिक मूल्यों का संचार करता हे। सर्वसामान्य के प्रति प्रेम-भाव उत्पन्न करता है। भ्रष्टाचारियों और अनाचारियों के प्रति रोष जगाकर समाज को स्वच्छ बनाता है।

1. कोन सा काव्य अमर हो जाता है?
(क) जो काव्य मनुष्य के जीवन का उत्रयन करता है
(ख) जो काव्य देशकाल से बँधा नहीं होता
(ग) जो काव्य हममें ऊँची भावनाएँ जगाता है
(घ) जो काव्य समाज को स्वच्छ बनाता है

2. मनुष्य को पुनः देवत्व कोन प्रदान करता है?
(क) साहित्यकार
(ख) काव्य
(ग) साहित्य
(घ) प्रेम-भाव

3. साहित्यकार महान कैसे हो सकता है?
(क) आत्मा को विशाल बनाकर
(ख) अपने भावों को व्यापक बनाकर
(ग) आदर्शों को स्थापित करके
(घ) समाज को स्वच्छ बनाकर

4. लेखक ने रामायण व महाभारत को कैसा काव्य बताया और क्यों?

5. मानव जीवन में साहित्य का क्या महत्व है?
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भरपेट मांस वही शेर खा सकता हैं जो अपने हाथ पाँव हिलाता है, घर से बाहर निकलता है दोड़ धूप करता है ओर कभी कभी बलवान हाथियों से भी लोहा लेने के लिए तेयार रहता है। इस दोड़ धूप का नाम ही परिश्रम है। इसी को उद्यम कहते हैं। पुरुषार्थ भी इसी का पर्यायवाची है। परिश्रम के साथ साथ ईमानदारी का होना भी आवश्यक है। सदा सोच समझकर उचित स्थान पर परिश्रम करना चाहिए तभी वह परिश्रम सफल हो सकता है वरना उसका परिणाम निष्फल हो जाएगा। जीवन में परिश्रम से ही सफलता मिलती है। मन में केवल इच्छा कर लेने से नहीं मेहनत बड़े पुरुष या व्यक्ति बनने की निशानी है। इसीलिए विद्यार्थियो । यदि तुम भी जीवन में कुछ करतब कर दिखाना चाहते हो तो परिश्रम रूपी लाठी का सहारा लो।

1. ईमानदारी' और 'सफलता' में मूलशब्द व प्रत्यय को अलग-अलग कीजिए।
(क) ईमान + दारी, सफ + लता
(ख) ईमानदा + री, सफल + ता
(ग) ईमान + दारी, सफल + ता
(घ) ईमान + दारी, स + फलता

2. परिश्रम का ही दूसरा नाम क्या है?
(क) उद्यम
(ख) ईमानदारी
(ग) सफलता
(घ) हिम्मत

3. परिश्रम के साथ साथ किसका होना भी आवश्यक है?
(क) सफलता
(ख) लाठी
(ग) हिम्मत
(घ) ईमानदारी

4. भर पेट मांस खाने के लिए शेर को क्या-क्या करना पड़ता है?

5. परिश्रम कब सफल होता है?
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