Question types

साङकेन question types

34 questions across 5 question groups — pick any mix to generate a Rim Zim paper with step-by-step answer keys.

34
Questions
5
Question groups
5
Question types
Sample Questions

साङकेन questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

त्योहारों पर घरों में कई प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन बनाई जाती हैं। आपको कौन-सी मिठाइयाँ और नमकीन अच्छी लगती हैं? वे किस त्योहार पर बनाई जाती हैं।
View full solution
नीचे दिए गए वाक्य में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य को पुनः लिखिए-
आज हमारे यहाँ साङकेन का त्योहार है।
View full solution
नीचे दिए गए वाक्य में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य को पुनः लिखिए-
बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ सजाई गई थीं।
View full solution
नीचे दिए गए वाक्य में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य को पुनः लिखिए-
हमारे गाँव के लोगों ने नदी के किनारे एक मंदिर बनाया है।
View full solution
नीचे दिए गए वाक्य में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य को पुनः लिखिए-
एक दिन वल्लरी को उसके मित्र चाऊतान ने अपने घर बुलाया।
View full solution
अरुणाचल प्रदेश में चौखाम के मंडल कार्यालय में वल्लरी के पिताजी एक अधिकारी हैं। इस बार उन्होंने दिल्ली से अपने परिवार को भी अपने पास बुला लिया है। कहाँ दिल्ली की भीड़भरी सड़कें, हॉर्न बजाती हुई कारें और बसें, आदमियों की लंबी-लंबी कतारें और कहाँ चौखाम का खुला और शांत वातावरण । जिधर देखो, हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल । यहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।
एक दिन वल्लरी को उसके मित्र चाऊतान ने अपने घर बुलाया । वल्लरी अपने पिताजी के साथ चाऊतान के घर गई। उस समय चाऊतान के पिताजी घर की सफाई कर रहे थे । वल्लरी और उसके पिताजी को देखकर उन्होंने सफ़ाई का काम छोड़ दिया और उन दोनों का स्वागत किया।
Q.1. वल्लरी के पिता क्या करते थे?
Q.2. वल्लरी को दिल्ली में क्या दिखाई देता था ?
Q.3. कहाँ के लोगों के मुख पर सदैव मुस्कान बनी रहती थी ?
Q.4. वल्लरी को किसने अपने घर बुलाया था ?
View full solution
‘क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?” वल्लरी के पिताजी ने पूछा। “हाँ-हाँ, अवश्य। चलिए, हमं सब शोभायात्रा में चलते हैं। ” चाऊतान के पिताजी बोले । सब लोग शोभायात्रा में सम्मिलित हो गए। शोभायात्रा में लोग गाते-बजाते हुए और नाचते-कूदते हुए चले जा रहे थे। उनकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं था ।
थोड़ी देर में शोभायात्रा मंदिर के पास पहुँची। मंदिर की जालीदार दीवारें बाँस और बाँस की खपच्चियों से बनी हुई थीं। बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ लगाई गई थीं और खोंस – खोंसकर उन पर रंग-बिरंगे फूल सजा दिए गए थे। इतना सादा और सुंदर मंदिर वल्लरी ने पहले कभी नहीं देखा था।
देखते-देखते भीड़ मंदिर के द्वार पर एकत्रित होने लगी। बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्र पढ़ते हुए इन मूर्तियों को पालकियों से उतारा और इन्हें मंदिर में रख दिया। अब वे इन मूर्तियों की पूजा करने लगे और इन पर जल चढ़ाने लगे।
हँसी-खुशी के इस वातावरण में वल्लरी ने देखा कि लोग एक-दूसरे पर बालटियाँ भर-भरकर पानी डाल रहे हैं। वे एक-दूसरे के चेहरों पर चावल का आटा भी लगा रहे हैं। वल्लरी को होली की याद आ गई। उसने चाऊतान से कहा, “चाऊतान भाई, लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं। ” चाऊतान बोला, “तुम्हें मालूम नहीं, आज हमारे यहाँ साङकेन का त्योहार है। आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है । ”
Q.1. शोभायात्रा में शामिल होने के लिए किसने, किससे
a. वल्लरी के पिता ने, वल्लरी से
b. वल्लरी के पिता ने चाऊतान से
c. वल्लरी ने चाऊतान से
d. वल्लरी के पिता ने, चाऊतान के पिता से
Q.2. नदी किनारे बने मंदिर की दीवारें थीं-
a. बाँस की खपच्चियों की
b. फूलों की
c. मिट्टी की
d. सीमेंट की
Q.3. बालटी से पानी फेंकने के साथ-साथ लोग एक-दूसरे के चेहरों पर क्या लगा रहे थे ?
a. बेसन का घोल
b. चावल का आटा
c. मुलतानी मिट्टी
d. गेहूँ का आटा
Q.4. साङकेन का त्योहार है-
a. नव वर्ष का आरंभ
b. होली की तरह
c. a,b दोनों सही
d. इनमें से कोई नहीं
View full solution
अपने मित्र को साङकेन के बारे में पूरे दिन का आँखों देखा वर्णन अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखकर बताइए। आपकी सहायता के लिए कुछ मुख्य संकेत बिंदु नीचे दिए गए हैं-
स्वागत, पकवान, शोभायात्रा, मूर्तियाँ, मंदिर, एक-दूसरे पर पानी डालना, मिल-जुलकर खुशी मनाना, पालकी, बाँस की खपच्चियाँ, भगवान बुद्ध का मंदिर, बौद्ध भिक्षु, होली, आशीर्वाद, घर, फूल
आप इन शब्दों के अतिरिक्त अन्य शब्दों की भी सहायता ले सकते हैं। ये शब्द आपकी अपनी भाषा से भी हो सकते हैं।
View full solution
नीचे साङकेन पाठ की कुछ पंक्तियों के भावार्थ दिए गए हैं। उदाहरण के अनुसार पाठ की उन पंक्तियों को लिखिए जो दिए गए भावार्थ पर आधारित हैं-
भावार्थ की पंक्तियाँ
शोभायात्रा में लोग बहुत प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।शोभायात्रा में सब लोग नाचते-गाते जा रहे थे। लोगों में बहुत उत्साह था।
मंदिर सुंदर सजा था।
ऐसा लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं।
त्योहारों में सब एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं।
View full solution

Generate a साङकेन paper free

Pick question groups from the list above, set marks and difficulty, and export a branded PDF with step-by-step answer keys. First 3 chapters free — no signup.

Download App