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काव्य – खंड - पद question types

12 questions across 2 question groups — pick any mix to generate a HINDI - B (स्पर्श) paper with step-by-step answer keys.

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काव्य – खंड - पद questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै।
गरीब निवाजु गुसईआ मेरा माथै छत्रु धेरै ।।
जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै।
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै ।। 
नामदेव कबीरु तिलोचनु सधना सैनु तरै।
कहि रविदासु सुनहु रे संतहु हरिजीउ ते सधै सरै ।।
(क)"ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै" – इस पंक्ति में 'लाल' शब्द का क्या अर्थ है?
(A) लाल रंग
(B) प्रिय या ईश्वर
(C) राजा
(D) धन
(ख)"गरीब निवाजु गुसईआ मेरा माथै छत्रु धेरै" – इस पंक्ति से क्या भाव प्रकट होता है?
(A) ईश्वर केवल अमीरों की सहायता करता है
(B) कवि को राजसी सम्मान चाहिए
(C) ईश्वर गरीबों का उद्धार करता है और उसकी कृपा कवि पर है
(D) कवि युद्ध चाहता है
(ग) "नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै" – इस पंक्ति का क्या अभिप्राय है?
(A) ईश्वर डरता है
(B) ईश्वर ऊँच को नीच करता है
(C) ईश्वर जात-पात, ऊँच-नीच से परे है और सबको समान दृष्टि से देखता है
(D) कवि डर गया है
(घ) कविता में किन संतों के नाम का उल्लेख हुआ है?
(A) तुलसीदास और सूरदास
(B) कबीर, नामदेव, तिलोचन, सधना, सैन
(C) मीरा, तुलसी, रवि
(D) शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद
(ङ)"कहि रविदासु सुनहु रे संतहु हरिजीउ ते सधै सरै" – इस अंतिम पंक्ति का आशय क्या है?
(A) ईश्वर से कुछ नहीं होता
(B) साधु-संतों को भगवान से डरना चाहिए
(C) ईश्वर के भरोसे ही सब कार्य सिद्ध होते हैं
(D) भगवान केवल साधु की सहायता करते हैं
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अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी।
प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग अँग बास समानी।
प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती।
प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहिं मिलत सुहागा।
प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा ।। 
(क) "अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी" – इस पंक्ति में कवि ने किस भावना को प्रकट किया है?
(A) मोह की
(B) भगवान के प्रति गहरी भक्ति की
(C) दुख की
(D) क्रोध की
(ख) "प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी..." – इस उपमा से क्या संकेत मिलता है?
(A) जल और वायु का संबंध
(B) चंदन की खुशबू पाने की इच्छा
(C) भगवान और भक्त के गहरे एकत्व का भाव
(D) पानी की उपयोगिता
(ग) प्रभु और रैदास के संबंध को किस उपमा से समझाया गया है: "प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती..."?
(A) दीपक और तेल
(B) दीपक और बाती जो मिलकर प्रकाश करते हैं
(C) आग और धुआँ
(D) रात और दिन
(घ) "जैसे चितवत चंद चकोरा" – इस पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रमुख रूप से है?
(A) रूपक
(B) अनुप्रास
(C) उपमा
(D) यमक
(ङ) कविता में कवि रैदास ने स्वयं को किस रूप में प्रस्तुत किया है?
(A) गुरु
(B) सेवक / दास
(C) राजा
(D) व्यापारी
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