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2 Marks Question(पद्य)

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Question 12 Marks
सधना और सैनु कौन थे?
Answer
सधना नामदेव के समकालीन उच्चकोटि के संत थे। सैनु भी प्रसिद्ध संत कवि थे। इनके कई पद 'गुरुग्रंथ साहब' में संगृहीत हैं। ये रामानंद के समकालीन माने जाते हैं।
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Question 22 Marks
नामदेव और त्रिलोचन कौन थे?
Answer
नामदेव महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत थे। उन्होंने मराठी और हिंदी दोनों में रचनाएँ की हैं। त्रिलोचन वैष्णव आचार्य थे, जो नामदेव और ज्ञानदेव के गुरु माने जाते हैं।
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Question 32 Marks
सोने में सुहागा मिलने से क्या होता है पठित पद के आधार पर लिखिए।
Answer
सोने में सुहागा मिलाने से सोने की उपयोगिता और चमक बढ़ जाती है। सोने से अलग सुहागे का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। इस उदाहरण के द्वारा कवि ईश्वर और भक्त के आपसी संबंध को स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि भक्त जब ईश्वर के स्वर्णिम स्वरूप और आभा का शुद्ध मन से संकीर्तन करता है तो ईश्वर की दया, करुणा, उदारता और भक्ति भावना और भी अधिक निखर उठती है।
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Question 42 Marks
'तुम मोती हम धागा' कहकर कवि क्या स्पष्ट करना चाहते हैं?
Answer
इस कथन के द्वारा कवि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि ईश्वर बहुमूल्य मोती के समान हैं, तो भक्त उस धागे के समान है, जिसमें मोती को पिरोकर उसकी सुंदरता और उपयोगिता बढ़ जाती है। मोती और धागे के समान ईश्वर और भक्त का संबंध भी एक दूसरे के साथ जुड़ा हुआ होता है।
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Question 52 Marks
रैदास के प्रस्तुत पदों से कवि हमें क्या प्रेरणा देना चाहता है?
Answer
संत कवि रैदास ने प्रस्तुत पदों के द्वारा ईश्वर और भक्त के बीच अटूट संबंध को व्यक्त किया है। कवि ने भक्ति के विविध रूप को चित्रित करते हुए कवि ने ईश्वर-भक्ति की महिमा का गुणगान किया है। रैदास जी कहते हैं कि ईश्वर और भक्त का संबंध अन्योन्याश्रित है। प्रभु के समदर्शी स्वभाव का उल्लेख करते हुए कवि ने कई प्रभु-भक्तों का उदाहरण दिया है, जिनका उद्घार प्रभु ने किया। कवि कहते हैं कि मेरे प्रभु गरीबों का उद्धार करने वाले हैं। इस प्रकार संत कवि रैदास जी ने हमें समस्त संसार का उद्घार करने वाले प्रभु की भक्ति करने की प्रेरणा दी है।
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Question 62 Marks
'माथै छत्रु धरै' से कवि क्या स्पष्ट करना चाहते है?
Answer
माथै छत्रु धरै' पंक्ति द्वारा कवि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि गरीबों की रक्षा करने वाले, उनका हित चिंतन करने वाले प्रभु की कृपा-द ष्टि प्राप्त करके ही नीच कुल का गरीब व्यक्ति भी समाज में सम्मान प्राप्त करता है, श्रेष्ठ कुल के धनिकों के समान सिर पर छत्र धारण करके चलता है।
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Question 72 Marks
कवि के अनुसार ईश्वर ने किन-किन भक्तों का उद्घार किया?
Answer
कवि के अनुसार ईश्वर ने नामदेव, कबीर, त्रिलोचन, सधना और सैनु जैसे भक्त कवियों का उद्घार किया।
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Question 82 Marks
रैदास ने अपने प्रभु की भक्ति किस प्रकार की है?
Answer
रैदास ने अपने प्रभु से दास्य भाव की भक्ति की है। कवि के प्रभु उनके स्वामी हैं और वे सेवक की भाँति अपने सेवा भाव से उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं।
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Question 92 Marks
'जैसे चितवत चंद चकोरा' पंक्ति से कवि का क्या अभिप्राय है?
Answer
इस पंक्ति से कवि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि जिस प्रकार चकोर पक्षी बिना पलकें झपकाए, एकनिष्ठ होकर चंद्रमा की ओर ताकता रहता है, उसी प्रकार भक्त भी एकाग्रचित्त होकर अपने प्रभु के मुख-चंद्र की ओर निहारना चाहता है। इसी कारण भक्त का ध्यान प्रभु-भक्ति से एक पल के लिए भी नहीं हटता।
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Question 102 Marks
संत कवि रैदास के लिए अब किस आदत से मुक्त होना संभव नहीं है?
Answer
संत कवि रैदास के लिए अब राम-नाम संकीर्तन करने की आदत से मुक्त होना सर्वथा असंभव है। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु-नाम संकीर्तन में रमा हुआ है।
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