उपनेता प्रेमचंद, जो अग्रिम दल का नेतृत्व कर रहे थे, 26 मार्च को पैरिच लौट आए। उन्होंने हमारी पहली बड़ी बाधा खंभु हिमपात की स्थिति से हमें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उनके दल ने कैंप-एक (6000 मी), जो हिमपात के ठीक ऊपर है, वहाँ तक का रास्ता साफ कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुल बनाकर, रस्सियाँ बाँधकर तथा झंडियों से रास्ता चिह्नित कर, सभी बड़ी कठिनाइयों का जायजा ले लिया गया है। उन्होंने इस पर भी ध्यान दिलाया कि ग्लेशियर बर्फ की नदी है और बर्फ का गिरना अभी जारी है। हिमपात में अनियमित और अनिश्चित बदलाव के कारण अभी तक के किए गए सभी काम व्यर्थ हो सकते हैं और हमें रास्ता खोलने का काम दोबारा करना पड़ सकता है।
(i) लेखिका को खुभुं हिमपात के बारे में जानकारी किसने दी?
क) शिवकुमार ने
ख) बहादुर सिंह ने
ग) तेनजिंग ने
घ) प्रेमचंद ने
(ii) लेखिका तथा उसके साथियों की एवरेस्ट पर पहुँचने की पहली बड़ी बाधा कोन-सी थी?
क) पर्वत पर न चढ़ पाना
ख) खुभु हिमपात की स्थिति
ग) कठिन रास्तों पर चलना
घ) केंप की ओर जाना
(iii) केंप-एक हिमपात से कितनी ऊँचाई पर था?
क) 5000 मी
ख) 7000 मी
ग) 6000 मी
घ) 3000 मी
(iv) कैंप-एक तक रास्ता साफ करने के लिए क्या-क्या किया गया?
क) झंडियों से रास्ता चिह्नित कर दिया गया
ख) सभी विकल्प सही हैं
ग) रस्सियाँ बाँध दी गई
घ) पुल बनाया गया
(v) प्रेमचंद के अनुसार अब तक किए गए प्रयास व्यर्थ क्यों हो सकते हैं?
क) ग्लेशियर न बनने के कारण
ख) कठिनाइयों का जायजा न लेने के कारण
ग) बेस कैंप से सही जानकारी न मिलने के कारण
घ) हिमपात के अनियमित और अनिश्चित बदलाव के कारण
