Question 15 Marks
बढ़ती हुई महँगाई के विषय में पूनम और कुसुम के बीच होने वाले संवाद को लिखिए।
Answer
View full question & answer→पूनम - अरे कुसुम! क्या तुमने आज का अखबार पढ़ा?
कुसुम - हाँ, बढ़ती महँगाई ने तो आम आदमी का जीना हराम कर दिया है। रोज़ कमाकर खाने वाले लोगों का तो बहुत ही बुरा हाल है।
पूनम - अरे! तुमने पढ़ा, दूध की कीमत में और ऑटोरिक्शा के किराए में कितनी बढ़ोतरी हो गई।
कुसुम - हाँ, पढ़ा, सरकार आम जनता को मूर्ख समझती है। पेट्रोल के दाम घटाकर रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ा दिए।
पूनम - सही बात है। बेचारे गरीब बच्चों का क्या होगा। जो थोड़ा-बहुत दूध उन्हें नसीब होता था, अब तो वह भी मिलने से रहा।
कुसुम - जब भी महँगाई बढ़ती है उसका दुष्प्रभाव निम्नवर्ग व मध्यमवर्ग पर पड़ता है। अमीर लोगों पर तो वैसे भी इसका असर नहीं होता। उनकी बला से महँगाई बढ़े चाहे घटे।
पूनम - नहीं, ऐसी बात नहीं है। असर उन पर भी होता है पर आय अधिक होने से उन पर महँगाई की मार का असर उतना नहीं होता जितना गरीबों पर होता है।
कुसुम - ऑटोवाले पहले भी मनमानी करते थे, अब भी करेंगे। सरकार को तो कुछ सोचना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों के दाम ज्यादा नहीं बढ़ाने चाहिए।
पूनम - हाँ, मैं तुम्हारी बात से बिलकुल सहमत हूँ। एक ओर तो सरकार गरीबी हटाओ के नारे लगाती है और दूसरी ओर महँगाई बढ़ाती है, ऐसे में आम जनता करे भी तो क्या।
कुसुम - हालत यही रही तो आम आदमी का रहना ही मुश्किल हो जाएगा। बेचारा कैसे अपना घर चला पायेगा।
पूनम - हाँ, बिलकुल सही कह रही हो। सरकार को इस ओर कोई कदम उठाना चाहिए। अब चलती हूँ। बच्चों की बस का समय हो गया है।
कुसुम - ठीक है। मैं भी चलती हूँ। मेरे बच्चे भी स्कूल से आने ही वाले हैं।
कुसुम - हाँ, बढ़ती महँगाई ने तो आम आदमी का जीना हराम कर दिया है। रोज़ कमाकर खाने वाले लोगों का तो बहुत ही बुरा हाल है।
पूनम - अरे! तुमने पढ़ा, दूध की कीमत में और ऑटोरिक्शा के किराए में कितनी बढ़ोतरी हो गई।
कुसुम - हाँ, पढ़ा, सरकार आम जनता को मूर्ख समझती है। पेट्रोल के दाम घटाकर रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ा दिए।
पूनम - सही बात है। बेचारे गरीब बच्चों का क्या होगा। जो थोड़ा-बहुत दूध उन्हें नसीब होता था, अब तो वह भी मिलने से रहा।
कुसुम - जब भी महँगाई बढ़ती है उसका दुष्प्रभाव निम्नवर्ग व मध्यमवर्ग पर पड़ता है। अमीर लोगों पर तो वैसे भी इसका असर नहीं होता। उनकी बला से महँगाई बढ़े चाहे घटे।
पूनम - नहीं, ऐसी बात नहीं है। असर उन पर भी होता है पर आय अधिक होने से उन पर महँगाई की मार का असर उतना नहीं होता जितना गरीबों पर होता है।
कुसुम - ऑटोवाले पहले भी मनमानी करते थे, अब भी करेंगे। सरकार को तो कुछ सोचना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों के दाम ज्यादा नहीं बढ़ाने चाहिए।
पूनम - हाँ, मैं तुम्हारी बात से बिलकुल सहमत हूँ। एक ओर तो सरकार गरीबी हटाओ के नारे लगाती है और दूसरी ओर महँगाई बढ़ाती है, ऐसे में आम जनता करे भी तो क्या।
कुसुम - हालत यही रही तो आम आदमी का रहना ही मुश्किल हो जाएगा। बेचारा कैसे अपना घर चला पायेगा।
पूनम - हाँ, बिलकुल सही कह रही हो। सरकार को इस ओर कोई कदम उठाना चाहिए। अब चलती हूँ। बच्चों की बस का समय हो गया है।
कुसुम - ठीक है। मैं भी चलती हूँ। मेरे बच्चे भी स्कूल से आने ही वाले हैं।