Question 15 Marks
अपने पिता को पत्र लिखकर उन्हें अपने जीवन की भावी योजनाओं के बारे में बताइये।
Answer
View full question & answer→परीक्षा भवन,
नई दिल्ली।
02 मार्च, 2019
पूज्य पिता जी,
सादर चरण-स्पर्श।
मैं यहाँ सकुशल रहकर आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे और ईश्वर से यही कामना भी करता हूँ। आपने पिछले पत्र में मेरे जीवन की भावी योजनाओं के बारे में जानना चाहा था। इस पत्र में मैं आपको अपनी भावी योजनाओं के बारे में बता रहा हूँ।
पिता जी, सर्वप्रथम दसवीं परीक्षा 'ए' ग्रेड में उत्तीर्ण होकर ग्यारहवीं कक्षा में विज्ञान संकाय में प्रवेश लेना चाहता हूँ। मैं भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा गणित में खूब परिश्रम करना चाहता हूँ। बारहवीं में आते-आते मैं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भी कुछ समय देना चाहता हूँ। इससे बारहवीं की परीक्षा अच्छे ग्रेड में उत्तीर्ण होने के साथ-साथ किसी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेना चाहता हूँ। वहाँ इंजीनियरिंग की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर इंजीनियरिंग सेवा में जाना चाहता हूँ। मैं सरकारी सेवा करते हुए इंजीनियर की अलग छवि पेश करना चाहता हूँ। ईश्वर की कृपा और आपके आशीर्वाद से मैं अपने उद्देश्य में अवश्य सफल होऊँगा।
घर में सभी को यथोचित प्रणाम एवं स्नेह। मुझे पत्रोत्तर की प्रतीक्षा रहेगी। आपका प्रिय पुत्र,
मोहित मल्होत्रा
नई दिल्ली।
02 मार्च, 2019
पूज्य पिता जी,
सादर चरण-स्पर्श।
मैं यहाँ सकुशल रहकर आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे और ईश्वर से यही कामना भी करता हूँ। आपने पिछले पत्र में मेरे जीवन की भावी योजनाओं के बारे में जानना चाहा था। इस पत्र में मैं आपको अपनी भावी योजनाओं के बारे में बता रहा हूँ।
पिता जी, सर्वप्रथम दसवीं परीक्षा 'ए' ग्रेड में उत्तीर्ण होकर ग्यारहवीं कक्षा में विज्ञान संकाय में प्रवेश लेना चाहता हूँ। मैं भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा गणित में खूब परिश्रम करना चाहता हूँ। बारहवीं में आते-आते मैं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भी कुछ समय देना चाहता हूँ। इससे बारहवीं की परीक्षा अच्छे ग्रेड में उत्तीर्ण होने के साथ-साथ किसी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेना चाहता हूँ। वहाँ इंजीनियरिंग की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर इंजीनियरिंग सेवा में जाना चाहता हूँ। मैं सरकारी सेवा करते हुए इंजीनियर की अलग छवि पेश करना चाहता हूँ। ईश्वर की कृपा और आपके आशीर्वाद से मैं अपने उद्देश्य में अवश्य सफल होऊँगा।
घर में सभी को यथोचित प्रणाम एवं स्नेह। मुझे पत्रोत्तर की प्रतीक्षा रहेगी। आपका प्रिय पुत्र,
मोहित मल्होत्रा